उत्तर कोरिया को धमकाया नहीं जा सकता:उन

  • 15 अप्रैल 2012
Image caption उत्तर कोरिया के नए नेता किम जोंग उन का पहला सार्वजनिक भाषण

उत्तर कोरिया के नए नेता किम जोंग उन ने सत्ता संभालने के बाद पहली बार देश के संस्थापक किम इल सुंग के जन्मशताब्दी समारोह के दौरान सार्वजनिक भाषण दिया.

हर्षोल्लास से झूमती भीड़ को संबोधित करते हुए किम ने सबसे पहले अपने दादा किम इल सुंग और अपने पिता दिवंगत किम जोंग इल को श्रद्धांजलि दी और फिर सेना की प्राथमिकता के सिद्धांत की सराहना की.

उन्होंने कहा कि अब वे दिन लद गए जब उनके देश को धमकाया जा सकता था. किम जोंग उन ने ये बातें असफल रॉकेट प्रक्षेपण के ठीक दो दिन बाद कही हैं.

इस मौके पर राजधानी प्योंगयांग के मुख्य चौराहे पर एक विशाल सैन्य परेड का आयोजन किया गया था.

बड़े मिसाइल का प्रदर्शन

उत्तर कोरिया के इस रॉकेट प्रक्षेपण की विश्व समुदाय ने ये कहते हुए निंदा की थी कि प्योंगयांग रॉकेट की आड़ में लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक का परीक्षण कर रहा है.

रविवार की सैन्य परेड में उत्तर कोरिया ने आकार में बड़े नज़र आ रहे एक नए मिसाइल का भी प्रदर्शन किया.

सियोल में मौजूद बीबीसी संवाददाता लूसी विलियमसन का कहना है कि मिसाइल को 16 पहियों वाले एक ट्रक पर ढक कर रखा गया था जो कि काफिले में मौजूद अन्य ट्रकों से ज्यादा बड़ा था.

माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के मौजूदा हथियारों के जखीरे में ये अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हो सकता है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका अनुमान लगा रहा है कि उत्तर कोरिया अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है, हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि परेड में प्रदर्शित मिसाइल वही आईसीबीएम है.

दक्षिण कोरिया के एक रॉकेट वैज्ञानिक सोह्न यूंग ह्वान ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि ये मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है न कि आईसीबीएम.

सेना प्रथम

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Image caption किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की सेना को प्रमुखता देने पर बल दिया

उत्तर कोरिया के टेलीविजन पर दिखाए गए दृश्य में लाल झंडे लिए हज़ारों सैनिकों को प्योंगयांग के मुख्य चौराहे की तरफ मार्च करते दिखाया गया है.

दिसंबर में अपने पिता के निधन के उपरांत सत्ता संभालने के बाद ये पहली बार है कि युवा किम जोंग उन ने सार्वजनिक रूप से देश को संबोधित किया है.

लगभग 20 मिनट के लिखित भाषण में किम ने कहा कि शांति जरूरी है लेकिन राष्ट्रीय सम्मान उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है.

इस मौके पर नए नेता ने देश की 'सेना प्रथम'' नीति की सराहना की.

उन्होंने कहा,''सैन्य तकनीक में सर्वोच्चता अब साम्राज्यवादियों का एकाधिकार नहीं है. हमें अपनी सेना को प्रभावशाली बनाने की हर संभव कोशिश करनी होगी.''

उन्होंने ये भी कहा कि अब वो समय हमेशा के लिए लद गया जब परमाणु हथियार के बल पर उत्तर कोरिया को धमकाया जाता था.

दक्षिण कोरिया में सक्रियतावादियों ने वर्षगांठ समारोह पर सीमावर्ती इलाके में हिलियम गैस से भरे दस गुब्बारे छोड़े जिनमें दो लाख लघु पुस्तिकाएं रखी गई थीं.

इन लघु पुस्तिकाओं में अकाल के वक्त उत्तर कोरिया के रॉकेट लांच कार्यक्रम की निंदा की गई है.

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