काबुल में धमाके, दूतावासों-संसद पर निशाना

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Image caption अफगानिस्तान में पिछला हमला फरवरी में गृह मंत्रालय के दफ्तर पर हुआ

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार को पूर्वनियोजित तरीके से कम से कम सात बम धमाके, रॉकेट के जरिए ग्रेनेड हमले और चरमपंथियों-सुरक्षाकर्मियों के बीच मुठभेड़ें हुई हैं.

शहर के केंद्रीय भाग में स्थित विदेशी दूतावासों, नेटो सैन्य अड्डे और अफगान संसद के पास धमाके हुए हैं. अमरीकी और ब्रितानी दूतावासों के अनुसार इस इलाके में चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी हुई है.

सभी भारतीय सुरक्षित: दूतावास

काबुल में हाल में हुए बड़े हमले

अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के मुताबिक देश में रविवार को हुए हमलों में कुल 13 चरमपंथी मारे गए हैं जबकि कोई अफगान सुरक्षाकर्मी या आम नागरिक मारा नहीं गया है. काबुल में 11 पुलिस और पाँच नागरिक घायल हुए जबकि चार चरमपंथी मारे गए.

जलालाबाद में चार नागरिक घायल हुए और तीन चरमपंथी मारे गए जबकि पकतिया प्रांत में तीन चरमपंथी मारे गए और तीन पुलिसकर्मी, पाँच नागरिक घायल हुए. लोगर प्रांत में तीन चरमपंथी मारे गए, एक गिरफ्तार हुआ और तीन पुलिसकर्मी घायल हुए.

ब्रितानी दूतावास को निशाना बनाया गया है और उसके गार्ड टावर पर दो रॉकेट दागे गए गए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रॉकेट के जरिए ब्रितानी कूटनयिकों की रिहायश को भी निशाना बनाया गया है. रूसी दूतावास को भी निशाना बनाया गया है.

अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संसद के पास भी भीषण गोलीबारी हुई है. संसद के पास स्थित एक इमारत से चरमपंथियों ने संसद पर हमला किया. काबुल के काबुल स्टार होटल में आग लग गई.

काबुल के बाहर गारदेज और जलालाबाद में हवाई अड्डे में दाखिल होने के प्रयास में आत्मघाती हमलावर सुरक्षाकर्मियों की गोलियों का निशाना बने हैं. लोगर और पकतिया प्रांत में भी हमले हुए हैं.

अफगानिस्तान में अमरीकी राजदूत रयान क्रॉकर ने सीएनएन से कहा, "अफगान सुरक्षाबल जिस ढंग से इन सुनियोजित हमलो से निबटने की कार्रवाई कर रहे हैं वो दर्शाता है कि ऐसे हालात का सामना करने में उनकी काबिलियत बढ़ी है. अफगान सुरक्षाबल बिल्कुल एक सधे हुए पेशेवर की तरह मामले को अंजाम दे रहे हैं."

काबुल से ताजा तस्वीरें

उन्होंने कहा कि ये घटना दर्शाती है कि अफगान सुरक्षाबल ऐसे मामलों से निबटने में पूरी तरह से सक्षम हैं.

तालिबान ने ली जिम्मेदारी

तालिबान ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और तालिबान प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद के मुताबिक कई अफगान शहरों पर हमले किए गए हैं.

तालिबान के एक बयान के अनुसार, "स्थानीय समय 1315 से काबुल में जर्मन और ब्रितानी दूतावास, काबुल स्टार होटल, नेटो मुख्यालय, संसद भवन और दारुल अमन पैलेस पर हमले हुए हैं. ऐसे ही हमले जलालाबाद और लोगर-नानगरहर प्रांतों में हुए हैं. पिछले तीन घंटों से बहादुर आत्मघाती तालिबान लड़ाके सुरक्षाबलों से लड़ रहे हैं."

काबुल हमले पर तालिबान का बयान

कौन हैं तालिबान?

बयान में दावा किया गया कि आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से लैस आत्मघाती पट्टियों, रॉकेट लॉंचल और ग्रेनेडों से लैस थे.

काबुल में अफरा-तफरी, भारतीय सुरक्षित

अनेक जगह पर गोलीबारी हुई है और शहर में अफरा-तफरी मच गई. केवल काबुल ही नहीं, पूर्वी शहर जलालाबाद में भी चार धमाके हुए.

उधर भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि काबुल में भारतीय दूतावास के सभी कर्मचारी सुरक्षित है.

काबुल में भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी मुकुल आर्या ने बीबीसी संवाददाता अमरेश द्विवेदी के साथ फोन पर बातचीत में कहा कि काबुल में सभी भारतीय सुरक्षित हैं.

काबुल में कूटनीतिक क्षेत्र में भारी सुरक्षा के बावजूद सात बम धमाके हुए और फिर गोलीबारी शुरु हुई.

वजीर अकबर खान इलाके में सायरनों की आवाजें सुनाई दी और निवासी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते नजर आए.

रॉयटर्स के अनुसार कई सांसदों ने चरमपंथियों के खिलाफ लड़ाई में भाग लिया.

कांधार के सांसद नईम हामिदजई ने कहा कि वे अपने लोगों के प्रतिनिधि हैं और उनकी रक्षा करना उनकी जिम्मदारी है.

शहर में नए बने काबूल स्टार होटल के पास रहने वाले इदरीस घैराट ने बताया, "हम होटल से उठती आग की लपटें और धुँआ देख सकते हैं. चारों तरफ लडाई चल रही है और धमाकों और गोलीबारी की आवाजें आ रही हैं."

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