शादी के प्रस्ताव ऐसे भी..

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प्यार मोहब्बत के बाद जब शादी करने की हसरत का इजहार करना हो तो मन में इच्छा यही होती है कि इजहार कुछ ऐसा हो कि मौका यादगार बन जाए.

आजकल इस बात का चलन काफी बढ़ गया है कि लोग इस निजी एहसास का सार्वजनिक मंच पर इजहार करें. बीबीसी ने ऐसे कुछ लोगों से उनके अनुभव पूछे. कुछ पाठकों का अनुभव.....

एंथनी ईस्टवुड, ब्रिटेन

मेरी शादी को सात साल हो चुके हैं. मैने उसे 2001 में नए साल के दिन प्रपोज़ किया था. उसके शहर की टीम बोल्टन प्रीमियरशिप स्तर तक पहुंची थी और उसने कभी ये मैच नहीं देखे थे. मैं उसे लिवरपूल (मेरी टीम) और बोल्टन का मैच दिखाने ले गया.

इस बीच मैं कई हफ़्तों से इस जुगाड में लगा हुआ था कि उस मैच में उदघोषक जॉर्ज सेफ्टन हाफ टाइम के दौरान शादी का प्रस्ताव घोषित करें. वे मान भी गए.

वो अदभुत दिन और लम्हा था. शायद एक ही मौका था जीवन में जब 38 हजार लोगों ने मेरे लिए तालियाँ बजाई होंगी. यहाँ बताना चाहूँगा कि एक बार तो लगा कि पूरी योजना धरी की धरी रह जाएगी क्योंकि मेरी मंगेतर हाफ़ टाइम में शौचालय जाना चाहती थी. मैने उसे बहाने से रोका था.

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क्रिस बेक्सेहीथ, ब्रिटेन

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मुझे लगता है कि सार्वजनिक तौर पर प्रपोज करना बेहतरीन आइडिया है. मैने अपने मंगेतर को लंदन से न्यूयॉर्क की उड़ान के दौरान प्रपोज़ किया था.

केबिन क्रू वालों ने भी मेरा साथ दिया और मुझे अनुमति दी कि जब सब लोग सीटबेल्ट लगाकर बैठे तों तब मैं ये काम कर सकूँ ताकि उस समय शोर शराबा कम हो. उन्होंने शैंपेन तैयार रखी थी. हवाईअड्डे पर सामान लेते वक़्त तक लोग मेरे मंगेतर को बधाई देते रहे थे. उसने शादी के लिए हाँ भी कर दी.

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ब्रायन, ब्रिस्टल, ब्रिटेन

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मैने अपनी गर्लफ्रेंड को स्कूबा डाइविंग करते हुए प्रपोज किया था. मैने अंगूठी एक डिब्बे में डाली और कुछ लैमिनेट कराए कार्ड भी रखे जिन पर शादी का प्रस्ताव लिखा था और साथ ही हाँ या न भी.

मैन वो डिब्बा डाइविंग गाइड को दिया जिसने उसे चट्टानों में छिपा दिया और डाइविंग के दौरान गाइड ने मेरी गर्लफ्रेंड को जानबूझकर दिखाया कि वहाँ कुछ पड़ा है. जब वो डिब्बे को देख रही थी तो मैं घुटनों के बल था और मेरे हाथ में हाँ या न वाले लैमिनेटिड कार्ड थे. उसने हाँ वाले कार्ड की ओर इशारा किया. हम मार्च 2013 में शादी कर रहे हैं.

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जेम्स स्विनबर्ने, मैनचेस्टर, ब्रिटेन

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मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने मुझे पेरिस में मेरे जन्मदिन पर प्रपोज किया था. उसने दो साल पैसे बचाकर टिफनी से अंगूठी खरीदी थी. वो मुझे खाने पर ले गया और फिर आईफल टावर पर प्रपोज किया. वे अदभुत घड़ी थी.

मुझे याद है कि मैं उस वक्त सोच रहा था कि ये लड़का कितना हिम्मतवाला है कि एक दूसरे लड़के को इतने लोगों के सामने प्रपोज कर रहा है.

सब लोगों ने हमारे लिए तालियाँ बजाईं, बधाई दी, फोटो खिंचवाई और सलाह भी दी. मुझे नहीं लगता कि मैं इस अनुभव को बदलना चाहूँगा.

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