मिस्र में उम्मीदवारों की अयोग्यता बरकरार

  • 18 अप्रैल 2012
शतर और उमर सुलेमान इमेज कॉपीरइट
Image caption उमर सुलेमान पूर्व राष्ट्रपति मुबारक के करीबी माने जाते हैं

मिस्र में चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति पद के 10 उम्मीदवारों की अयोग्यता पर अपनी मुहर लगा दी है.

इनमें दो प्रमुख इस्लामी नेताओं के अलावा देश के पूर्व खुफिया प्रमुख उमर सुलेमान भी शामिल हैं. आयोग के इस फैसले को अब किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती.

चुनाव आयोग का ये फैसला मंगलवार को आया और दो दिन पहले ही इन उम्मीदवारों ने अपनी अयोग्यता के फैसले पर पुनर्विचार करने की आयोग से अपील की थी.

लेकिन चुनाव आयोग ने इन सबकी अपील को खारिज कर दिया. जिन उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया गया है उनमें पूर्व खुफिया प्रमुख के अलावा मुस्लिम ब्रदरहुड के उम्मीदवार खैरत अल शतर और कट्टरपंथी इस्लामी नेता हाजिम सालाह अबू इस्माइल के अलावा विपक्षी नेता ऐमान नूर भी शामिल हैं.

अबू इस्माइल की उम्मीदवारी इसलिए निरस्त कर दी गई थी क्योंकि उनकी माँ एक अमरीकी नागरिक हैं, जबकि शातेर और नूर के खिलाफ कुछ आपराधिक मामले होने के चलते उन्हें अयोग्य करार दिया गया था.

वहीं पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के पूर्व सहयोगी सुलेमान को अपर्याप्त मतदाताओं के समर्थन के चलते अयोग्य घोषित किया गया है. इन उम्मीदवारों को राष्ट्रपति पद की दौड़ में काफी मजबूत माना जा रहा था.

विरोध

अब मुस्लिम ब्रदरहुड को ये तय करना होगा कि वो अपने किसी दूसरे उम्मीदवार का समर्थन करे या नहीं. लेकिन दूसरे दल तो शायद इस दौड़ से बाहर ही हो जाएं.

इनमें अरब लीग के प्रमुख अम्र मूसा और एक निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं. चुनाव आयोग के इस फैसले का काफी विरोध भी हुआ और लोगों ने आयोग के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया.

चुनाव आयोग का ये फैसला इस्लामी दलों और सत्ताधारी सैन्य परिषद के बीच तनाव को बढ़ा सकता है.

वैसे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की अंतिम सूची 26 अप्रैल को जारी होगी और उसी दिन राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए प्रचार अभियान की आधिकारिक शुरुआत होगी. 23-24 मई को मतदान होंगे.

मिस्र में हुई जनक्रांति के बाद राष्ट्रपति पद के लिए वहां पहली बार चुनाव होंगे.

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