ओसामा को मुद्दा बनाने पर ओबामा की आलोचना

इमेज कॉपीरइट NA
Image caption राष्ट्रपति ओबामा फिर से चुनाव जीतने के लिए बिन लादेन की मौत को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं.

पिछले साल पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने का मामला अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गया है.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार ओबामा के राष्ट्रपति के दोबारा चुने जाने में यह प्रश्न सबसे महत्वपूर्ण हो गया है कि अगर ओबामा की जगह उनके प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी उस वक्त राष्ट्रपति रहे होते, तो क्या वे ऐबटाबाद में हवाई हमले की इजाजत देते?

पाकिस्तान में पिछले साल दो मई को ओसामा बिन लादेन के ठिकाने पर किए गए हवाई हमले के बरसी से कुछ दिन पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने साक्षात्कार में बताया है कि जिस समय वहां कार्रवाई हुई थी, उस समय व्हाइट हॉउस के माहौल क्या था.

इस मामले पर उप राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, “क्या किसी को इस बात में शक है कि अगर वह मिशन असफल हो गया होता तो ओबामा के शासन की उल्टी गिनती शुरू हो गई होती.”

उन्होंने ओबामा की विदेश नीति की चर्चा करते हुए कहा, “हम जानते हैं कि राष्ट्रपति ओबामा ने क्या किया, लेकिन हम यकीनी तौर पर यह नहीं कह सकते हैं अगर गवर्नर रोमनी इस जगह होते तो वे क्या करते.”

हो रही है आलोचना

उप राष्ट्रपति जो बाइडन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए रोमनी के प्रवक्ता ने इसे 'दुखद' बताया है, जबकि 2008 में राष्ट्रपति ओबामा के प्रतिद्वंद्वी रहे जॉन मैकेन ने इसे 'शर्मनाक' की संज्ञा दी है.

ओबामा के चुनाव अभियान के दौरान एक वेब वीडियो में पूछा गया कि अगर रोमनी देश के राष्ट्रपति होते, तो क्या वह वही कदम उठाते जो ओबामा ने उठाए?

इस अभियान को शुरू करने के लिए 2007 में रोमनी के उस इंटरव्यू को दिखाया जा रहा है जिसमें उसने कहा था, “एक आदमी को पकड़ने के लिए करोड़ों डॉलर की राशि खर्च करने का क्या तुक है.”

वर्ष 2008 में ओबामा के प्रतिद्वंद्वी रहे जान मैकेन ने ओबामा पर बिन लादेन की हत्या पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह 9/11 की याद की तौहीन कर रहे हैं.

मैकेन ने आगे कहा, “ये वही राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने बिन लादेन की हत्या पर कहा था कि हमें इसे दिखावे के लिए खूंटे पर नहीं लटकाना चाहिए. लेकिन फिर से चुनाव जीतने के लिए वह जो कुछ भी कर रहे हैं, वह काफी शर्मनाक है.”

बिन लादेन के मारे जाने के बाद अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा ने शालीनता से बयान देते हुए अमरीकी सेना को धन्यवाद दिया था. ओबामा के उस बयान की रोमनी सहित सभी लोगों ने सराहना की थी.

ओबामा ने एक मई को वाशिंगटन में कहा था, “आज की रात हमें 9/11 को याद करना चाहिए जिसने हमें फिर से संगठित कर दिया था.”

व्हाइट हॉउस के प्रवक्ता बेन ला बोल्ट ने कहा कि बाइडन का भाषण ओबामा की विदेश नीति की कहानी कहता है. उनका कहना था, “मेरा मानना है कि हमने जिस रूप में आक्रमण किया, वह इस बात का प्रमाण है कि हमें कैसे हमला करना चाहिए.”

जब तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश 2004 में फिर से चुनाव जीतना चाहते थे, तो उन पर 9/11 की याद का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा था.

हालांकि चुनाव के समय बुश के प्रमुख रणनीतिकार रहे स्टीव स्मिट बिन लादेन के मारे जाने को चुनावी मुद्दा बनाए जाने को पूरी तरह जायज मान रहे हैं.

आर्थिक मुद्दा महत्वपूर्ण

स्टीव स्मिट का कहना है, “बिन लादेन पर हमला करना महत्वपूर्ण फैसला था, क्योंकि इस हमले में काफी कुछ दांव पर लगा था.”

उन्होंने आगे कहा, “अगर हमला नाकाम हो गया होता तो राष्ट्रपति को बहुत ही भयावह स्थिति का सामना करना पड़ता. यह वास्तविक घटना है जो उनके नेतृत्व में हुई थी.”

वैसे स्टीव स्मिट का मानना है, “बिन लादेन की मौत नहीं, बल्कि आर्थिक कारण चुनाव में महत्वपूर्ण होगें."

बिन लादेन को 2001 में ऐबटाबाद के एक बड़े मकान में दो मई को हवाई हमले में अमरीकी सैनिकों ने मार दिया था.

टॉम हैंक भी

चुनाव प्रचार के इस वीडियो को अभिनेता टॉम हैंक ने पेश किया है. जिस कमरे से ओसामा बिन लादेन के खिलाफ ऑपरेशन की कार्रवाई का नियत्रंण हो रहा था, ओबामा वहीं से प्राइम टाइम के लिए अपनी बात रखते हुए दिखाई पड़ रहे हैं.

व्हाइट हाउस ने एनबीसी न्यूज के ब्रैन विलियम्स को उस कमरे में ओबामा और उनके सहयोगियों से बातचीत करने की इजाजत दी थी.

हालांकि इसकी कोई जानकारी नहीं है कि उस कमरे का इस्तेमाल इससे पहले भी किसी तरह के साक्षात्कार के लिए हुआ था या नहीं.

व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता टॉमी विटोर ने कहा कि इस तरह के काम के लिए बस यही कमरा है जहां इस तरह की कोई भी बात कही जा सकती है. उस कमरे में पहले भी रिपोर्टर गए हैं.

संबंधित समाचार