अल कायदा की हार अब पहुँच में: ओबामा

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Image caption अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में ओबामा समर्थकों ने ओसामा के मारे जाने का मुद्दा जोरशोर से उठाया है

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अफगानिस्तान से अमरीकियों को संबोधित करते हुए कहा है कि अल कायदा को नष्ट करने का लक्ष्य अब पहुँच के भीतर है.

साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान में "काम पूरा करने" और अफगान युद्ध को खत्म करने का संकल्प जताया है.

ओबामा की यात्रा के बाद काबुल में आत्मघाती हमला

अचानक अफगानिस्तान पहुँचे अमरीकी राष्ट्रपति ने एक सैन्य ठिकाने से अमरीकी जनता को संबोधित करते हुए कहा, "पिछले तीन साल में हवा का रुख बदला है. हमने अल कायदा के नेतृत्व को ध्वस्त किया है और उनके शीर्ष के 30 में से 20 नेताओं को मार दिया है. अफगानिस्तान से ही हमने ऑपरेशन को अंजाम देकर ओसामा बिन लादेन को मार दिया."

गौरतलब है कि ओबामा ने ये संबोधन ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के ठीक एक साल बाद और महीनों की चर्चा के बाद अफगान-अमरीका सामरिक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद किया.

महत्वपूर्ण ये भी है कि अमरीका में राष्ट्रपति चुनावों के प्रचार ने जोर पकड़ा है और अफगान युद्ध के साथ-साथ ओसामा बिन लादेन का मारा जाना चुनावों में एक अहम मुद्दा बनता जा रहा है.

'जंग जिम्मेदारी से खत्म करनी होगी'

ओबामा ने नेटो के 2014 तक अफगानिस्तान छोड़ने के विषय पर, तत्काल अफगानिस्तान से अमरीकी सैनिकों के चले जाने की अपीलों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान में जो काम हमने शुरू किया, उसे हमें ही खत्म करना होगा और इस लड़ाई को जिम्मेदारी के साथ खत्म करना होगा.”

अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन के मारे जाने का एक साल पूरे होने के मौके पर ओबामा ने अफगान मिशन के लिए अमरीकी सैनिकों को धन्यवाद दिया.

राष्ट्रपति ओबामा ने 2014 में अफगानिस्तान से विदेशी सेनाओं की वापसी के बाद अफगान-अमरीकी रिश्तों का भविष्य तय करने वाले समझौते पर राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ हस्ताक्षर किए.

राष्ट्रपति ओबामा ने इस समझौते को दोनों राष्ट्रों के लिए 'ऐतिहासिक' पल बताया.

राष्ट्रपति ओबामा ने ऐसे समय में अपनी जनता को अफगानिस्तान से संबोधित किया है जब उनके देश में अफगान मिशन को लेकर लोगों का संयम जवाब दे रहा है.

संवाददाताओं का कहना है कि ओबामा ने अपने इस भाषण के जरिए अमरीकी जनता को यह संदेश देना चाहा है कि वह अफगान युद्ध को खत्म करने की रणनीति पर चल रहे हैं.

पाँच महीने बाद उन्हें राष्ट्रपति चुनाव का सामना करना है जहां अफगान मिशन को लेकर विपक्षी रिपब्लकिन पार्टी की तरफ से उठाए जाने वाले सवालों का उन्हें जवाब देना होगा.

ओबामा ने कहा कि शिकागो में होने जा रहे नेटो सम्मेलन में अगले साल के लिए अफगान बलों के सैन्य अभियानों के लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा.

इस समझौते के तहत वर्ष 2014 में अफगानिस्तान में नैटो का अभियान खत्म होने के बाद अगले दस साल तक दोनों देशों के बीच सैन्य और असैन्य संबंध कायम रहेंगे.

हालांकि ओबामा ने स्वीकार किया कि अफगानिस्तान के लिए आने वाला समय आसान नहीं होगा लेकिन आगे चलकर अफगानिस्तान के नागरिकों को ही अपना भविष्य तय करना है.

अमरीकी सैनिकों की संख्या 88 हजार

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Image caption ठीक एक साल पहले अमरीका के विशेष अभियान में ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मारा गया

इस वक्त अफगानिस्तान में 88 हजार अमरीकी सैनिक तैनात हैं जिनमें से 23 हजार की वापसी इस साल गर्मियों तक हो सकती है, जबकि बाकी अमरीकी और नैटो फौजियों को 2014 के अंत तक अफगानिस्तान छोडऩा है.

उनका कहना था कि अफगान सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ रही है और इस साल 3.52 लाख तक पहुँच जाएगी.

ओबामा ने अपने भाषण में तालिबान के साथ बातचीत के लिए हो रही कोशिशों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर ये चरमपंथी अल कायदा से संबंध खत्म कर दें तो उन्हें साथ लिया जा सकता है.

नैटो सम्मेलन से पहले ओबामा ने साफ किया कि पाकिस्तान भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकता है.

पिछले साल पाकिस्तान के एबटाबाद में लादेन के मारे जाने के बाद से अमरीका और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं.

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