जिंदा रहने के लिए अपना पेशाब पीता रहा

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Image caption चोंग का कहना है कि अधिकारी उन्हें कोठरी में बंद करके भूल गए.

मजबूरी में इंसान को क्या कुछ करना पड़ जाता है, इसकी मिसाल है पिछले दिनों अमरीका में हुई एक घटना जिसमें पांच दिन तक कोठरी में बंद रहे एक व्यक्ति को जिंदा रहने के लिए अपना ही पेशाब पीना पड़ा.

अमरीकी शहर सैन डिएगो में 21 अप्रैल को नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पड़े छापे में डेनियल चोंग नाम के व्यक्ति को पकड़ा गया. अधिकारी उन्हें 5X10 फुट की एक कोठरी में बंद करके भूल गए.

चोंग का कहना है कि तीसरे दिन तक उनका सात किलो वजन कम हो गया था और वे सुधबुध खोने लगे थे.

अधिकारी अब इस बात की छानबीन कर रहे हैं कि चोंग को इतने लंब समय तक कोठरी में क्यों रखा गया.

'काल कोठरी' में बंद

सैन डिएगो में छात्र चोंग ने बताया, “वे लौट कर नहीं आए. उन्होंने मेरी चीखों को अनसुना किया. मुझे अब तक नहीं पता कि ऐसा क्या हुआ. मुझे नहीं पता कि वे कैसे मुझे भूल गए.”

मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में चोंग ने बताया कि 21 अप्रैल को अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की और कहा वो घर जा सकते हैं.

चोंग के मुताबिक एक अधिकारियों ने तो उन्हें अपने साथ चलने की पेशकश भी की.

लेकिन अधिकारियों के मुताबिक उन्हें घर भेजने की बजाय चोंग को 'गलती से' एक कोठरी में बंद कर दिया गया.

चोंग के मुताबिक उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों और दूसरे कैदियों को सुना, वो चिल्लाए और उन्होंने दरवाजे में लातें भी मारीं, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी.

चोंग के वकील के मुताबिक जब आखिरकार चोंग को देखा गया तो वे बेसुध थे और उनका गुर्दा जवाब देने वाला था. उन्हें वहां से निकाल कर एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वो तीन दिन तक गहन चिकित्सा कक्ष में रहे.

कर सकते हैं मुकदमा

अधिकारियों के मुताबिक चोंग उन नौ लोगों में शामिल थे जिन्हें तलाशी वारंट के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया.

छापे के दौरान अधिकारियों को एक घर से 18 हजार कामोत्तेजक गोलियों के अलावा चरस, डॉक्टर की बताई कई दवाएं और कुछ हथियार भी मिले.

अब चोंग के साथ हुई ज्यादती पर अधिकारियों ने माफी मांगी है.

ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के कार्यवाहक प्रमुख विलियम शेरमन के मुताबिक वह पिछले हफ्ते हुई इस घटना से बेहत व्यथित हैं. उन्होंने इस बारे में चोंग से माफी मांगी.

चोंग के वकील के मुताबिक वो संघीय अदालत में मुकदमा दर्ज कर सकते हैं.

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