जिन्दगी और मौत सस्ती, अंतिम संस्कार मुफ़्त

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Image caption होंडूरास में रोजाना होने वाली हत्याओं से आम आदमी परेशान है.

अगर चुनावी घोषणा पत्र में कोई राजनीतिक दल समाज कल्याण की बात करे तो बात समझ में आती है, लेकिन अगर कोई कहे कि आपकी या आपके परिजन की मौत के बाद बाइज्जत मुफ्त अंतिम संस्कार कराया जाएगा तो कितना अटपटा लगेगा. लेकिन होंडूरास मध्य अमरीका का एक ऐसा देश है जहां चुनाव में लोगों ने इस आधार पर वोट डाले.

और ऐसा हो भी क्यों नहीं, होंडूरास दुनिया का ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा लोगों की हत्याएं होती है. इनके शिकार ज्यादातर लोग गरीब होते हैं.

शनिवार की सुबह सार्वजनिक अंत्येष्टि सेवा कार्यालय में फोन की घंटी बजती है जो होंडूरास की राजघानी तेगुसिगल्फा की सबसे व्यस्त सड़क पर है.

फोन शहर के किसी मुर्दाघर से एक गरीब आदमी कर रहा है जिसे मदद की दरकार है. पिछले दिन किसी ने उनके एक रिश्तेदार की हत्या कर दी थी. उस रिश्तेदार के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह उनका इज्जत के साथ क्रिया कर्म कर सके.

सार्वजनिक अंत्येष्टि सेवा कार्यालय के बिल्डिंग के पीछे ताबूतों का अंबार लगा है, इसमें से कुछ भूरे रंग का है तो कुछ मटमैले रंग का.

कुछ घंटों के भीतर काले रंग के ट्रक के दोनों तरफ नारंगी रंग से लिखे हुए अंत्येष्ठि वाहन (फ्युनेरिया देल पुब्लो) किसा मुर्दा घर की ओर रवाना होते है, जिसपर एक खाली ताबूत भी रखा है.

अंतेष्ठि वाहन पर ताबूत के अलावा चटाईयां, मोमबत्तियां और ब्रेड भी रखे हुए हैं.

जब तक कि मारे गए 26 वर्षीय रामोन ऑरलैंडो को दफन न कर दिया जाए परिजनों को स्थानीय चर्च में रुकना होगा, इसलिए उनके लिए ये सामान भी उपलब्ध कराया गया है जिससे कि उन्हें कुछ खोजना न पड़े.

तेगुसिगल्फा के मेयर रिकार्डो अलवारेज का कहना है कि यही ये चीजें हैं जो हम गरीब लोगों को दे पाते हैं.

कूडेवाले बैग से अंतिम संस्कार

उनका कहना था, “आज से लगभग सात साल पहले जब हम मेयर के चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे तो मैंने पाया था कि लोग अपने परिजन को दफनाने के लिए काले प्लास्टिक के कूड़ावाले बैग का इस्तेमाल कर रहे हैं.”

Image caption छब्बीस वर्षीय रामोन ऑरलैंडो, जिनकी पिछले दिन हत्या कर दी गई थी.

मेयर का कहना है, “फिर मुझे लगा कि नहीं यह हमारे देश और शहर में नहीं होना चाहिए और यही सोचकर हमने पिछले छह साल से यह काम करना शुरू किया और यह हमारा सातवां साल है.”

हालांकि दुखद यह है कि होंडूरास में इसकी जरूरत पहले से ज्यादा हो गई है.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अनुमान लगाकर कहा है कि 80 लाख आबादी वाले इस छोटे देश में हर 74 मिनट में एक इंसान की हत्या हो रही है.

पिछले साल भी उस छोटे से देश में दुनिया में सबसे अधिक हत्याएं हुई थी. वहां पिछले साल हर एक लाख आदमी पर औसतन 86 लोगों की हत्या हुई थी जबकि 2010 में हर एक लाख पर 82 लोगों की हत्या की गई थी.

जबकि इंगलैंड में हर एक लाख पर औसतन एक से थोड़ा अधिक और मैक्सिको में यह 18 व्यक्ति है.

दुखद बात यह है कि जिन लोगों की होंडूरास में हत्या हुई हैं उनमें सबसे अधिक लोग गोली लगने से मरे हैं.

'कोई सुरक्षित नहीं'

राष्ट्रपति मैनुअल जेलेया की सरकार के समय 2009 में पुलिस ने बहुत ही बर्बरता के साथ राजनीतिक हत्या को अंजाम दिया था. और अब मैक्सिकन ड्रग माफियाओं की उपस्थिति ने उस जगह को और ज्यादा हिंसक बना दिया है.

वहां कोई आदमी यह दावा नहीं कर सकता है कि वह सुरक्षित है. वकील, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार गिरोह के निशाने पर रहते हैं.

लेकिन अंतिम संस्कार में सिर्फ उनकी मदद नहीं की जाती है जो इस हिंसा के शिकार हुए होते हैं बल्कि उनकी भी मदद की जाती है जो किसी अन्य कारणों से मरे हैं.

Image caption काले रंग के अंत्येष्ठि वाहन पर ताबूत के अलावा चटाईयां, मोमबत्तियां ब्रेड भी रखे हुए हैं.

मिगुएल अंतोनियो बुसो रेदोन्दो ने बताया, “मेरी पत्नी ने जुड़वां बच्चे को जन्म दिया लेकिन थोड़ी देर के बाद देखा कि एक बच्चा खून से लथपथ है, फिर उसने दम तोड़ दिया. मेरे पास फूटी कौड़ी नहीं थी लेकिन अस्पताल में नर्स ने बताया कि एक ऐसी संस्था है जो अंतिम संस्कार में मदद करती है, इसी की मदद से मैं यहां आ पाया हूं.”

यह सार्वजनिक अंत्येष्टि सेवा 24 घंटे काम करती है. अस्पताल से लेकर मुर्दाघर तक हर जगह से फोन आते हैं.

दो अंतिम संस्कार केन्द्रों में 18 लोग काम करते हैं जो सार्वजनिक अंत्येष्टि सेवा के लिए शिफ्त में काम करते हैं.

अंतिम संस्कार में कम से कम एक हजार डॉलर खर्च होतें हैं. इसलिए दुख का पहाड़ टूटने के बाद अगर यह राशि खर्च नहीं करनी पड़ती है तो परिजन को इस विकट समय में राहत होती हैं.

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