9/11 के मुख्य अभियुक्त अदालत में पेश हुए

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Image caption खालिद शेख पर शनिवार को आरोप तय किए जाएंगे

अमरीका में 9/11 हमलों के मुख्य अभियुक्त खालिद शेख मोहम्मद और चार अन्य अभियुक्त शनिवार को ग्वांतानामो बे के एक सैन्य अदालत में पेश हुए.उनलोगों पर आरोप तय किए जाएंगे.

खालिद शेख मोहम्मद पर आरोप तय करने की कार्रवाई एक बार पहले भी हो चुकी है.

तीन साल पहले यानी कि 2009 में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि वो ग्वांतानामो बे को बंद कर देंगे और संदिग्ध शीर्ष आतंकवादियों के खिलाफ मामले नागरिक अदालतों में चलाए जाएँगे.

लेकिन विरोध के बाद उन्हें ग्वांतानामो बे को बंद करने की योजना रद्द करनी पड़ी थी और अब अदालती कार्यवाही दोबारा सैन्य अदालत में शुरु हुई.

ग्वांतानामों बे के नए नियमों के अनुसार शारीरिक यातना देकर सुबूत नहीं जुटाए जा सकते. लेकिन बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि अभी भी उन्हें अपने मुव्वकिलों से मिलने की पूरी तरह से इजाजत नहीं है इसलिए ये पूरी प्रकिया बेमानी है.

वहीं 9/11 हमलों में मारे जाने वाले कुछ लोगों के परिजन इस अभियोग में शामिल होने के लिए सैन्य परिसर में आए हुए हैं.

आरोप

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Image caption 9//11 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर दो विमान एक के बाद एक टकराए थे

अदालती कार्यवाही देर से शुरू हुई क्योंकि अभियुक्तों ने अपने इयरफोन को हटा दिया था. अंग्रेजी में चल रही कार्यवाही की जानकारी अरबी भाषा में देने के लिए अभियुक्तों के कानों पर इयरफोन लगाए गए थे लेकिन उन्होंने इसे हटा दिया और अदालत में कुछ भी जवाब देने से इनकार कर दिया.

9/11 हमलों के कथित साजिशकर्ता खालिद शेख मोहम्मद के अलावा और चार लोगों पर वलीद बिन अत्ताश, रामजी बिन अलशिब, अली अब्दुल अजीज और मुस्तफा अहमद अल-हवसावी पर मुकदमा चल रहा है.

वलीद अदालत में एक कुर्सी पर बैठे हुए पेश हुए और उनके हाथ बंधे हुए थे. जब वलीद के वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि उनके मुवक्किल सही तरीके से बर्ताव करेंगे तब उनके हाथ खोल दिए गए.

एक दूसरे अभियुक्त रामजी बिन अलशिब ने कई मिनटों तक अदालत में ही प्रार्थना जिसके कारण अदालत कार्रवाही शुरू होने में देरी हुई.

अभियुक्तों के इयरफोन हटाए जाने के बाद अदालत में मौजूद एक अरबी जानने वाले ने उन्हें यकीन दिलाया कि वे पूरी कार्रवाही को समझ सकेंगे उसके बाद ही अदालत ने काम करना शुरू किया.

इन लोगों के खिलाफ 11 सितंबर 2001 को अमरीका पर आतंकवादी हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप है. उस दौरान अपहृत विमानों से न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन, शांक्सविले और पेन्सिलवेनिया पर हमले हुए थे.

अगर उन पर लगे आरोप साबित होते हैं तो अमरीकी कानून के मुताबिक उन्हें मौत की भी सजा दी जा सकती है.

बचाव पक्ष के एक वकील जेम्स कॉनेल ने कहा कि इस मुकदमे की कार्वाई पूरी होने में कई वर्ष लग सकते है.

इन हमलों में कुल 2976 लोग मारे गए थे. इन पाँचों लोगों पर कहाँ मुकदमा चलेगा, इसे लेकर लंबी कानूनी लड़ाई चली और फिर इसे सैन्य आयोग को भेजने का फैसला हुआ.

ओबामा प्रशासन ने शुरू में अमरीकी नागरिक अदालत में ये मामला चलाने की कोशिश की थी. लेकिन काफी विरोध के बाद पिछले साल अप्रैल में अपना फैसला बदल दिया.

पिछले साल जून में इन पाँच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ. इन लोगों पर करीब करीब वही मामले लगाए गए हैं, जो बुश प्रशासन के दौरान उन पर आरोप थे.

शनिवार को खालिद और दूसरे अभियुक्तों पर आतंकवाद, अपहरण, तोड़फोड़, साजिष रचने और हत्या के आरोप हैं और अब अदालत में तय होगा कि इनमें से किन आरोपों में उन पर मुक़दमा चलेगा.

पाकिस्तानी मूल के खालिद शेख मोहम्मद की पैदाइश कुवैत में हुई थी. उन्हें 2003 में पाकिस्तान से गिरफ्तार किया गया था और 2006 में उन्हें ग्वांतानामो बे भेजा गया था.

खालिद शेख मोहम्मद आरोप लगाते हैं कि ग्वांतानामो बे में उन्हें लगातार शारीरित प्रताड़ना दी जाती रही है.

अमरीकी खुफिया विभाग सीआईए के दस्तावेज भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि उन्हें 183 बार पानी के जरिए यातनाएं दी गईं थीं.

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