विश्वयुद्ध रिपोर्टर से एपी ने माँगी माफी

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Image caption एडवर्ड केनेडी को पहले एजेंसी से डाँट पड़ी फिर उनको हटा दिया गया

अमरीकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने दूसरे विश्वयुद्ध के खत्म होने की खबर एक दिन पहले ही जारी करनेवाले रिपोर्टर को बर्खास्त करने की घटना के लिए माफी माँगी है.

पत्रकार एडवर्ड केनेडी ने सेना के निर्देश को तोड़ते हुए सात मई 1945 को फ्रांस में नाजी सेना के समर्पण की खबर भेज दी थी.

अमरीका और ब्रिटेन के बीच इस खबर को एक दिन तक दबाए रखने के लिए सहमति हुई थी ताकि रूस, बर्लिन में नाजियों के समर्पण का एक और आयोजन करवा सके.

एजेंसी एपी ने अब कहा है कि केनेडी ने एम्बार्गो यानी खबर को जारी करने के लिए तय समय की सीमा को तोड़कर सही काम किया था.

एपी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी टॉम कर्ली ने कहा,"ये एपी के लिए एक बहुत बुरा दिन था. इस घटना को बेहद खराब तरीके से संभाला गया."

उनका कहना है कि ऐसे रिपोर्टर को हटाने की जगह उसकी सराहना की जानी चाहिए थी.

उन्होंने कहा,"लड़ाई जब खत्म हो गई, तो आप ये खबर दबाकर नहीं बैठ सकते. दुनिया के लिए ये जानना जरूरी है."

गोपनीयता की शपथ

सात मई 1945 को एड केनेडी उन 17 पत्रकारों में शामिल थे जिन्हें रात दो बजकर 41 मिनट पर मित्र राष्ट्रों के सामने जर्मन सैनिकों के समर्पण को देखने के लिए ले जाया गया था.

अमरीकी सैन्य अधिकारियों ने पत्रकारों के दल को गोपनीयता की शपथ दिलाई थी और उनसे कहा था कि वे आठ तारीख को तीन बजे दोपहर से पहले समाचार को सार्वजनिक नहीं करें, यानी पूरे 36 घंटे बाद ये खबर दें.

मगर एड केनेडी ने जब ये सुना कि जर्मन रेडियो ने सात तारीख को ही दो बजकर 41 मिनट पर समर्पण की खबर चला दी है तो उन्होंने भी एक घंटे बाद जाकर समाचार चला दिया.

इस घटना के लिए, उन्हें पहले एपी के अधिकारियों ने झिड़का, फिर निकाल दिया.

बाद में उन्होंने लिखा - "इतने बड़े समाचार को दबाकर रखने की कोशिश बिल्कुल ही बेतुकी बात थी."

केनेडी 1963 में 58 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में मारे गए थे.

उनकी बेटी जूलिया केनेडी कोचरान ने एपी से कहा कि वे इस माफी से बेहद खुश हैं.

उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है उनके लिए ये बहुत बड़ी बात होती.''

एपी के अध्यक्ष टॉम कर्ली ने विश्वयुद्ध के बारे में केनेडी की किताब के नए प्रकाशन ''वी-ई डे, सेंसरशिप ऐंड द एसोसिएटेड प्रेस'' की साझी-भूमिका लिखी है.

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