इंसानी मांस वाले कैप्सूल की तस्करी रोकने के लिए कदम

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Image caption धारणा प्रचलित है कि मानव मांस वाले कैप्सूल खाने से रोगों से मुक्ति मिलेगी, साथ ही यौन क्षमता भी बढ़ जाएगी.

दक्षिण कोरिया का कहना है कि वो मानव मांस के पाउडर से बने कैप्सूल की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और बढाएगा.

कोरिया के कस्टम विभाग का कहना है कि उसने अगस्त 2011 से अब तक चीन से तस्करी करके लाए जा रहे इस तरह के 17,500 कैप्सूलों को जब्त किया है.

दक्षिण कोरिया के लोगों में एक आम धारणा प्रचलित है कि मानव मांस वाले कैप्सूल खाने से उन्हें रोगों से मुक्ति मिलेगी, साथ ही उनकी यौन क्षमता भी बढ़ जाएगी.

अधिकारियों का कहना है कि इन कैप्सूलों में भरा जाने वाला पाउडर मानव मांस मृत शरीरों और इंसानी भ्रूण से हासिल किया जाता है.

अधिकारियों का ये भी कहना है कि ये कैप्सूल पूरी तरह से हानिकारक बैक्टीरिया से भरे हुए हैं और इससे स्वास्थ्य को खतरा है.

एक कस्टम अधिकारी ने कोरिया टाइम्स को बताया है, ''इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि इन कैप्सूलों में भरा गया पदार्थ मानव शरीर के लिए हानिकारक है. ये एक तरह का सुपर-बैक्टीरिया है. हमें लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे.''

योन्हाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी चीन से आ रही इन दवाइयों के जखीरों की जांच बढ़ा दी गई है.

तस्करी

एक अन्य समाचार पत्र का कहना है कि इन दवाओं को अन्य दूसरी दवाओं के साथ छिपाकर रखा जाता है और इसके बाद इनकी तस्करी की जाती है.

कस्टम अधिकारियों का कहना है कि कई बार तो इन कैप्सूलों को यात्रियों के सामान से भी पाया गया है.

दक्षिण कोरिया की एक टीवी डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि मानव-मांस के पाउडर वाले इन कैप्सूलों को उत्तर-पूर्वी चीन से तस्करी करके दक्षिण कोरिया पहुंचा दिया जाता है.

चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि वो इस डॉक्यूमेंट्री में किए गए इन दावों की जांच कर रही है.

चीन के समाचार पत्र चाइना डेली के हवाले से मंत्रालय के प्रवक्ता डेंग हईहुआ का कहना है कि चीन में मृतक नवजात शिशुओं और भ्रूण के निपटारे की कड़ी व्यवस्था है.

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