दमिश्क में धमाके: 55 मारे गए, 170 घायल

सीरिया, दमिश्क
Image caption सीरिया में बढ़ती हिसा के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान ने राष्ट्रपति बशर अल असद को प्राथमिक रूप से जिम्मेदार बताया था

सीरिया की राजधानी दमिश्क में दो धमाके हुए हैं जिनमें कम से कम 55 लोग मारे गए हैं और 170 लोग घायल हो गए हैं.

सीरिया के सरकारी टीवी ने इन्हें 'आतंकवादी धमाके' बताया है. जबकि विपक्ष ने इस हमले के लिए सरकार को दोषी ठहराया है. टीवी पर दक्षिणी दमिश्क की क्षतिग्रस्त इमारतों की तस्वीरें दिखाई गई हैं. इनमें से एक इमारत को सैन्य खुफिया परिसर में मौजूद इमारत बताया गया है.

गौरतलब है कि सीरिया में हाल में संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों के काफिले को डेरा शहर में निशाना बनाया गया था जिसमें काफिले को सुरक्षा प्रदान कर रहे एक ट्रक में धमाका हुआ था और दो सैनिक मारे गए थे. अब सीरिया में लगभग 70 पर्यवेक्षक मौजूद हैं.

हाल में हुए एक अन्य आत्मघाती बम हमले में 10 लोग मारे गए थे.

भीड़ एकत्र होने के बाद हुआ दूसरा धमाका

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों के मिशन के अध्यक्ष मेजर जनरल रॉबर्ट मूड ने उन स्थलों को दौरा किया है जहाँ धमाके हुए हैं.

पहला धमाका तब हुआ जब लोग काम पर जाने वाले थे. ऐसा लगता है कि ये भीड़ एकत्र करने के लिए किया गया था क्योंकि दूसरा बड़ा धमाका तब हुआ जब कई लोग घटनास्थल पर थे.

दर्जनों वाहन जल कर राख हो गए और अनेक शव इधर-उधर बिखर गए.

सड़क पर इस समय दो बड़े गढ्ढे नजर आ रहे हैं.

पुलिस के अनुसार इन धमाकों का निशाना दस मंजिला सैन्य मुख्यालय और सैन्य गुप्तचर एजेंसी की इमारत थी जो पूरी तरह ध्वस्त हो गई.

घटनास्थल पर मौजूद बीबीसी संवाददाता लिस ड्यूसेट के अनुसार वहाँ अनेक लोगों की भीड़ अब भी जमा है जो राष्ट्रपति बशर अल असद के पक्ष में नारे लगा रही है.

बीबीसी से बात करते हुए अहमद नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "मुझे दो धमाके सुनाई दिए जो पूरे दमिश्क में सुने होंगे. मैने अब तक कभी इतने बड़े धमाके नहीं सुने हैं. जब दूसरा धमाका हुआ तब मैने अपने घर से देखा कि कई किलोमीटर दूर धुँए के बादल उठ रहे हैं. "

उधर सीरियाई सेना ने कई हफ्तों में सबसे भीषण बमबारी होम्स शहर पर की है.

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