सीरिया:आत्मघाती हमलों में 55 की मौत

  • 11 मई 2012
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सीरिया के अधिकारियों ने कहा है कि राजधानी दमिश्क में हुए दो आत्मघाती कार धमाकों में कम से कम 55 लोग मारे गए हैं और लगभग 372 लोग घायल हुए हैं.

ये धमाके सेना के सेना के खुफिया विभाग की इमारत के पास सुबह उस वक्त हुए जब भीड़-भाड़ ज्यादा होती है.

सरकारी टीवी चैनल पर क्षतिग्रस्त और जले हुए वाहनों को दिखाया गया है.

हमले के लिए सरकार और विपक्ष दोनों ने एक-दूसरे को दोषी ठहराया है.

सबसे बड़ा हमला

बीते 14 महीनों से सीरिया में चल रहे हिंसक संघर्ष के दौरान ये सबसे बड़ा हमला है.

सीरिया के लिए अंतरराष्ट्रीय शांतिदूत कोफी अन्नान ने दमिश्क में हुए इन धमाकों को बर्बरतापूर्ण और शांति प्रक्रिया के लिए घातक बताया है.

अमरीका ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है. अमरीका के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि निर्दोष लोगों की हत्या को किसी भी तरह न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता है.

बयान में अमरीका ने सीरिया से आग्रह किया है कि वो कोफी अन्नान की शांति योजना को पूरी तरह से तत्काल लागू करे ताकि आगे हिंसा को रोका जा सके.

ब्रिटेन के विदेशमंत्री विलियम हेग ने इन हमलों पर कहा, ''सीरिया की जनता दमन और हिंसा बर्दाश्त कर रही है, अब इसका खात्मा होना चाहिए.''

दमिश्क में लगातार धमाके

दमिश्क पर सरकारी सेना का नियंत्रण है लेकिन हाल के महीनों में ये शहर लगातार बम धमाका का शिकार बना है.

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Image caption सीरिया में बढ़ती हिसा के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान ने राष्ट्रपति बशर अल असद को प्राथमिक रूप से जिम्मेदार बताया था

शहर में ज्यादातर सेना के काफिलों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है.

गुरुवार को हुए हमले उस समय हुए जब आम लोग काम पर जा रहे थे.

सीरिया के गृह मंत्रालय ने इन धमाकों के पीछे विदेशी चरमपंथियों का हाथ बताया है.

मंत्रालय का कहना है कि आत्मघाती हमलावरों ने धमाकों में जिन दो कारों का इस्तेमाल किया, उनमें एक टन से ज्यादा विस्फोटक लदा था.

धमाके इतने जोरदार थे कि दस मंजिली खुफिया विभाग की इमारत में दरारें पड़ गई. टीवी पर दक्षिणी दमिश्क की क्षतिग्रस्त इमारतों की तस्वीरें दिखाई गई हैं.

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों के मिशन के अध्यक्ष मेजर जनरल रॉबर्ट मूड ने उन स्थलों को दौरा किया है जहाँ धमाके हुए हैं.

पहला धमाका तब हुआ जब लोग काम पर जाने वाले थे. ऐसा लगता है कि ये भीड़ एकत्र करने के लिए किया गया था क्योंकि दूसरा बड़ा धमाका तब हुआ जब कई लोग घटनास्थल पर थे.

भीड़ में धमाका

दर्जनों वाहन जल कर राख हो गए और अनेक शव इधर-उधर बिखर गए. सड़क पर बड़े गढ्ढे बन गए.

पुलिस के अनुसार इन धमाकों का निशाना दस मंजिला सैन्य मुख्यालय और सैन्य गुप्तचर एजेंसी की इमारत थी जो पूरी तरह ध्वस्त हो गई.

घटनास्थल पर मौजूद बीबीसी संवाददाता लिस ड्यूसेट के अनुसार वहाँ अनेक लोगों की भीड़ अब भी जमा है जो राष्ट्रपति बशर अल असद के पक्ष में नारे लगा रही है.

बीबीसी से बात करते हुए अहमद नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "मुझे दो धमाके सुनाई दिए जो पूरे दमिश्क में सुने होंगे. मैने अब तक कभी इतने बड़े धमाके नहीं सुने हैं. जब दूसरा धमाका हुआ तब मैने अपने घर से देखा कि कई किलोमीटर दूर धुँए के बादल उठ रहे हैं. "

गौरतलब है कि सीरिया में हाल में संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों के काफिले को डेरा शहर में निशाना बनाया गया था जिसमें काफिले को सुरक्षा प्रदान कर रहे एक ट्रक में धमाका हुआ था और दो सैनिक मारे गए थे. अब सीरिया में लगभग 70 पर्यवेक्षक मौजूद हैं.

हाल में हुए एक अन्य आत्मघाती बम हमले में 10 लोग मारे गए थे.

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