अमरीका: पतियों को गुजारा भत्ता देने वाली महिलाएँ बढ़ीं

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Image caption आँकड़ों के अनुसार अमरीका में आधी शादियाँ तलाक पर खत्म होती हैं

पता नहीं इसे महिलाओं के ताकतवर होने की कहानी के रूप में देखा जाना चाहिए या नहीं लेकिन सच है कि अमरीका में तलाक के मामलों में अब अपने पूर्व पतियों को गुजारा भत्ता और बच्चों के देखभाल के लिए नियमित धन राशि देने देने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है.

अमरीकी वकीलों का कहना है कि महिलाएँ अपने करियर में आगे बढ़ रही हैं और उनकी तनख्वाह बढ़ रही है और ऐसे में जब रिश्ते बिगड़ते हैं और शादी टूटती है, तो उन्हें अपने पूर्व जीवन साथी को गुजारा भत्ता देने के लिए बाध्य होना पड़ता है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमरीकन एकेडैमी ऑफ़ मैट्रिमोनियल लॉयर्स के अनुसार तलाक के मामले निपटाने वाले लगभग 56 प्रतिशत वकीलों ने पाया कि पिछले तीन वर्षों में बच्चों की देखभाल के लिए भुगतान करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है.

जबकि 47 प्रतिशत वकीलों ने पाया कि पूर्व पतियों को गुजारा भत्ता देने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है.

लेकिन ऐसा नहीं है कि इस स्थिति से सब लोग ख़ुश हैं.

कैसे बदल रहे हैं आंकड़े

अकेडैमी के नामित अध्यक्ष एल्टन एब्रामोवित्ज़ ने कहा, "इससे साफ है कि आर्थिक मामलों में महिलाओं ने तरक्की की है और कई मामलों में तो वे परिवार की मुख्य कमाऊ सदस्य हैं."

उनका कहना है, "इन आंकड़ों से पता चलता है कि महिलाओं ने यह दायरा भी लांघ लिया है और अब ज्यादा से ज्यादा महिलाएँ आर्थिक जिम्मेदारियाँ स्वीकार कर रही हैं और उसे बखूबी निभा भी रही हैं. पिछले कुछ वर्षों में समाज में जो विकास हुआ है, यह उसका एक सच भी है."

विगत 39 वर्षों से वकालत कर रहे एब्रामोवित्ज़ इस सर्वेक्षण में उजागर हुए आंकड़ों को कामकाज में महिलाओं की बदलती भूमिका में आई तब्दीली के रूप में भी देखते हैं.

एब्रामोवित्ज़ बताते हैं कि जब वे वकालत की डिग्री लेकर निकले तो उनकी कक्षा में 135 में से सिर्फ़ छह लड़कियाँ थीं.

लेकिन अब डाइजेस्ट ऑफ़ एकेडैमिक स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों से पता चलता है कि अमरीका में मेडिकल डिग्री ले रहे छात्र और छात्राओं की संख्या बराबर हैं, जबकि 1980 के दशक में मेडिकल की पढ़ाई करने वाली महिलाओं की संख्या एक तिहाई थी.

जबकि वकालत की डिग्री लेने वाली महिलाओं की संख्या अब दो गुनी हो चुकी है.

एब्रामोवित्ज़ कहते हैं कि पढ़ाई के आंकड़ों में जो बदलाव दिखता है, वह पेशों में भी दिख रहा है.

नाराज भी होती हैं महिलाएँ

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Image caption ब्रिटनी स्पीयर्स और उन जैसी कई मशहूर हस्तियों को अपने तलाक के मामले में गुजारा भत्ता और बच्चों की देखभाल की राशि देने पड़ी है

उनका कहना है कि हालांकि महिलाओं ने पेशेवरों की तरह सफलता के झंडे गाड़ रही हैं लेकिन इससे अमरीका में तलाक की संख्या में कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई है और ये संख्या स्थिर बनी हुई है.

वे कहते हैं कि अमरीका में लगभग आधी शादियाँ तलाक पर खत्म होती हैं और कई दशकों से तलाक की दर 46 से 53 प्रतिशत तक बनी हुई है.

जिस तरह से कई पुरुष अपनी पूर्व पत्नी को गुजारा भत्ता देने में आनाकानी करते हैं, उसी तरह से कई महिलाएँ गुजारा भत्ता देने के प्रावधान से खुश नहीं हैं.

एब्रामोवित्ज़ कहते हैं, "हमने देखा है कि महिलाएँ पुरुषों की तरह ही गुजारा भत्ते के मामले में नाराज होती हैं. कई बार तो वे पुरुषों को गुजारा भत्ता देने के प्रावधान को लेकर ही नाराज होती हैं."

वे कहते हैं कि एक वकील की तरह समाज में जो बदलाव वे देख रहे हैं, उनमें महिलाओं की ओर से गुजारा भत्ता देना, कई परिवर्तनों में से एक है.

उनका कहना है कि अब संपत्ति के बराबर बँटवारे, विवाह पूर्व सहमति, बच्चों को अपने पास रखने के अधिकार का मामला, अविवाहित जोड़ों के कानूनी अधिकार आदि के मामले में भी ऐसा ही परिवर्तन देखने को आ रहा है.

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