फौजी पाठ्यक्रम से अमरीकी मुसलमान नाराज़

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Image caption अमरीकी सेना को इस्लाम से दुश्मनी का पाठ पढ़ाया गया.

अमरीकी फ़ौजियों को इस्लाम के विरुद्ध 'खुले युद्ध' का विवादित पाठ पढ़ाए जाने की खबर से बहुत से मुसलमानों में भारी नाराजगी फैल गई है.

कई संगठनों ने ज़िम्मेदार लोगों को उनके पद से हटाए जाने की मांग कर रहे हैं.

अमरीका में करीब 80 लाख मुसलमान रहते हैं.

इनमें से बहुत से मुसलमानों को इस्लाम धर्म के बारे में इस तरह के प्रचार से नाराज़गी है.

न्यू यॉर्क में रहने वाले भारतीय मूल के मुबशिर अहमद को इस बात पर संतोष है कि इस पाठ्यक्रम को रूकवा कर उसकी जांच शुरू कर दी है.

'बर्खास्त करो'

Image caption कोर्स में मुसलमानों के पवित्र शहरों पर हमला करने की बात कही गई है.

लेकिन वो मानते हैं कि अमरीका में इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए कुछ लोग संगठित ढंग से काम कर रहे हैं.

उन्होंने बीबीसी से कहा, “अमरीका में थोड़ी संख्या में सही मगर कुछ लोग इसलाम औऱ मुसलमानों को बदनाम करने और अमरीका को उनके खिलाफ़ लड़वाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं”.

इस कोर्स पर पिछले महीने से रोक लगा दी गई है. और लेफ़्टिनेंट कर्नल मैथ्यू डूली को पढ़ाई के काम से निलंबित तो कर दिया गया है मगर नॉरफौक के कॉलेज में उनकी नौकरी बरकरार है.

इस पाठ्यक्रम में सुझाया गया था कि अमरीका इस्लाम से जंग लड़ रहा है और वो मुसलमानों के पवित्र शहरों को परमाणु हमलों से नष्ट करने पर विचार करना चाहिए.

साथ ही ज़रूरी हुआ तो आम मुसलमानों को भी खत्म कर देना चाहिए.

अमरीका में मुसलिम संस्था काउंसिल ऑफ अमेरिकन इसलामिक रिलेशन्स या केयर ने मांग की है कि पेंटागन लेफ़्टिंनेंट कर्नल मैथ्यू डूली को कॉलेज से ही बर्खास्त करे.

कितना भरोसा?

केयर के निदेशक निहाद आवाद ने अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा को लिखे पत्र में कहा, जिन लोगों ने हमारे भविष्य के सैन्य अधिकारियों को इसलाम धर्म के खिलाफ़ जंग करने का पाठ पढ़ाया है उनके खिलाफ़ सख्त कारवाई की जाए.

इस मुददे पर अमरीकी समाचार पत्रों और टीवी न्यूज़ चैनलों पर बहस हो रही है कि कैसे ये कोर्स अमरीकी फ़ौजियों के पाठ्यक्रम में शामिल हो गया.

कुछ मुसलमानों को इस पूरे मामले में जांच किए जाने पर भी भरोसा नहीं है.

पाकिस्तानी मूल के एनुल हक़ कहते हैं, मुझे इस तरह की जांच पर भी कोई एतबार नहीं है. अबू गरैब और ग्वांतानामों बे में प्रताड़ना के मामलों की तरह ही इस मामले में भी कुछ सामने नहीं आने वाला है और कुछ दिन बाद केस ठंडा पड़ जाएगा तो उसे बंद कर दिया जाएगा.

अमरीका के सरकारी विभागों में इस प्रकार इस्लाम और मुसलमानों के बारे में विवादित बातें पहली बार शामिल नहीं की गई हैं.

इससे पहले अमरीकी जांच संस्था एफ़बीआई और न्यूयॉर्क पुलिस विभाग में भी इस्लाम के बारे में विवादास्पद जानकारी रंगरूटों और अधिकारियों के प्रशिक्षण के कोर्स में शामिल की गई थी, जिन्हे विरोध के बाद हटा दिया गया था.

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