नेपाल: संविधान पर 'सहमति,' राष्ट्रीय सरकार का रास्ता साफ

  • 15 मई 2012
नेपाल में संविधान बनाने पर सहमति
Image caption आज हुई बैठक में चार पार्टियों ने तय किया है कि देश में राष्ट्रीय सरकार बनेगी.

नेपाल में चार प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के बीच लंबे समय के गतिरोध के बाद संविधान के मुद्दे पर सहमति बन गई है.

जिन पार्टियों के बीच सहमति बनी है वे हैं - नेपाली कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल), माओवादी और मधेशी पार्टियों का एक घटक-संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोर्चा.

हालांकि मधेशी पार्टियों को इसमें थोड़ी आपत्ति है, फिर भी सहमति पत्र में कहा गया है कि पहले जो विषय बाकी रह गए थे, उन सभी पर आज के समझौते से रजामंदी हो गई है.

होगें ग्यारह राज्य

अब यह कहा जा सकता है कि 27 मई को नेपाल में संविधान लागू हो जाएगा. इस सहमति पत्र से नेपाल के पुनर्संरचना की बातें सुलझ जाएँगी. सहमति के अनुसार नेपाल को अब 11 भागों में बांट दिया जाएगा.

वैसे अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि ग्यारह भागों में बंटने वाले उन प्रदेशों का नाम क्या होगा, क्योंकि मंगलवार की बैठक में इसके बारे में कोई बात नहीं हो पाई है.

माना जाता है कि जब संविधान लागू होगा, उसी समय इन प्रदेशों के सीमांकन के बारे में भी बातचीत होगी.

यूएमएल सरकार में

मंगलवार को बनी चार पार्टियों की सहमति से नेपाल में राष्ट्रीय सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है.

इससे पहले माओवादी नेता बाबूराम भट्टाराई के नेतृत्व में बनी राष्ट्रीय सरकार में नेपाली कांग्रेस भी शामिल थी, लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) उस सरकार में शामिल नहीं हुई थी.

अब राष्ट्रीय सरकार में यूएमएल भी शामिल होगी.

सहमति में इस पर भी चर्चा हुई कि देश में राष्ट्रपति पद्धति की सरकार होगी या फिर संसदीय पद्धति की सरकार होगी. देश में दोनों ही पद्धतियाँ लागू होंगी लेकिन राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता करेगी, जबकि प्रधानमंत्री का चुनाव सदन के द्वारा होगा.

हालांकि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच अधिकारों का बंटवारा कैसे होगा.

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