यूरोविज़न से बदलेगा अज़रबैजान?

  • 19 मई 2012
अजरबैजान
Image caption अजरबैजान की राजधानी बाकू में यूरोविजन कार्यक्रम आयोजित किया जाना है.

मानवाधिकार संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम यूरोविज़न के आयोजको से कहा है कि वो सुनिश्चित करे कि इस साल के आयोजन स्थल अज़रबैजान में आम लोगों के साथ ज्यादतियां बंद की जाए.

संगठनों ने मांग की है कि आयोजक अजरबैजान की सरकार से बात करे और उन्हें पत्रकारों से मारपीट और विकास के नाम पर घरों को तोड़ा जाना बंद करें.

यूरोविज़न एक अंतरराष्ट्रीय वार्षिक संगीत प्रतियोगिता है जिसे यूरोपीय ब्रॉडकास्टिंग यूनियन से जुड़े देशों में आयोजित किया जाता है.

प्रतियोगिता में हर देश में से एक संगीतकार और एक गाने को चुना जाता है जिसका टीवी पर सीधा प्रसारण किया जाता है.

फिर मतदान कराया जाता है और सबसे ज्यादा मतों वाले गाने की जीत होती है. साल 1956 से चला आ रहा ये कार्यक्रम टीवी इतिहास के सबसे लंबे समय से चला आ रहा कार्यक्रम है.

बोलने का हक

मानवाधिकार संगठनों एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच का आरोप है कि अज़रबैजान में जितना बोलने की आजादी का हनन होता है उतना कही और नहीं होता.

यूरोविज़न प्रतियोगिता शुरू होने से पहले कुछ ही दिन बचे है और राष्ट्रपति के खिलाफ गाने लिखने के लिए संगीतकारों पर हमलों की खबर आम हो चली है.

एतिहासिक शहर बाकू में कई निर्माण कंपनियां सरकार के संरक्षण पाकर लोगों के घर तोड़ रहे है.

घर और दुकान बनाने वाली कंपनियां लोगों के मकान तोड़ कर कुछ और निर्माण करना चाहती है, जबकि दिए जा रहे मुआवजे से लोग नाखुश है.

बाहरी देशों को गैस और तेल की बिक्री से अच्छी कमाई कर रहे अज़रबैजान की राजधानी बाकू में तेजी से निर्माणकार्य किए जा रहे है.

देश में विकास तो हो रहा है लेकिन इस कोशिश में लोगों के लोकतंत्र का सपना टूट रहा है.

बाकू में समुद्र किनारे एक नए कंसर्ट हॉल की ईमारत को अंतिम रूपरेखा दी जा रही है.

रंग-ढंग बदलने की कोशिश

देश के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव और उनके करीबी चाहते है कि अज़रबैजान विश्व के नक्शे में बिल्कुल अलग दिखे और इसके लिए वो यूरोविज़न कार्यक्रम की मदद ले रहें है.

बाकू के नए क्रिस्टल हॉल में अंतिम तैयारियां जोरों पर है. इमारत को और खूबसूरत बनाने के लिए जर्मनी से मंगाए गए सजावटी बिजली के उपकरण लगाए गए है. यूरोविज़न को इस साल अज़रबैजान में आयोजित किए जाने से इस महत्वाकांक्षी देश को काफी चर्चा भी मिली है. लेकिन इसी बीच देश में मानवाधिकार हनन की प्रथा भी उजागर हुई है.

विपक्षी दलों की तरफ से आयोजित कराए गए एक कार्यक्रम में संगीतकार जमाल अली को राष्ट्रपति के लिए अपमानजनक संगीत सुनाने के लिए हाल ही में 10 दिनों की सज़ा मिली थी.

उन्होंने कहा, “गाना खत्म होते ही पुलिसवालों ने मुझे पकड़ने के लिए एक दूसरे को इशारा किया. मुझे जेल में लाकर मेरे साथ मारपीट की गई मेरे सर पर मारा गया और हाथों में हथकड़ी डाल दी गई. बाद में मुझे कुर्सी पर बिठाया गया और मेरे पैर सामने की एक कुर्सी पर डाल दिए गए. दो अंतरालों में करीब पांच घंटों तक मेरे पैर के तलवों पर डंडों से मारा गया.”

शहर के ही एक अस्पताल में बेड पर एक व्यक्ति इद्राक अब्बासोव बैठे मिले जो बमुश्किल ही सांस ले पा रहे थे. उनकी पसलियां टूटी हुई थी और चेहरे परे ढेर सारे जख्म थे.

पेश से ये एक पत्रकार है जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने इसलिए मारा पीटा था क्योंकि वो कुछ घरों को गिराए जाने की तस्वीरें ले रहें थे.

पत्रकारों पर 'दबाव'

इसी तरह के एक मामले में एक चर्चित स्थानीय अखबार के संपादक एइनुल्ला फत्तुलयेव को उनके लेख के कारण जेल भेज दिया गया था. करीब एक साल तक जेल में रखे जाने के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय दबाव में छोड़ दिया गया.

Image caption यूरोविज़न कार्यक्रम दुनिया का सबसे लंबे समय तक चलने वाला टीवी कार्यक्रम है.

उन्होने कहा, "मैने एल्मार हुसेनोव के साथ काम किया है. वो मॉनिटर मैगजीन के प्रमुख संपादक थे, लेकिन सरकार का आश्रय पाकर कुछ लोगों ने षड़यंत्र रचकर उनकी हत्या कर दी. मैने उन लोगों की खोज की और उनके बारे में अपने अखबार में छाप दिया."

राष्ट्रपति कार्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी अली हसनोव ने कहा कि मानवाधिकार संगठन अज़रबैजान के साथ ज्यादती कर रहे हैं. उनका दावा था कि सरकार को जनता का समर्थन प्राप्त है.

अलि हसनोव ने कहा, "जिनके घर टूटे है वो और पत्रकारों में से भी 99 प्रतिशत लोग सरकार से संतुष्ट है और सिर्फ एक फीसदी लोग नाखुश है. आप बताइए दुनिया के किस देश में सभी लोग खुश मिलते है?"

बाकू शहर के ज्यादातर हिस्सों में तेल के कुओं में गधे पेराई का काम करते हुए दिख जाएंगे. इसी तेल के निर्यात से मिल रहे धन के कारण राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव को सत्ता पर पकड़ बनाने में मदद मिलती है.

देश के हिस्से में पड़ने वाले कैस्पियन सागर में भी तेल और गैस के अकूत भंडार है जिसका मतलब है कि राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव अभी कुछ साल और वहा सत्ता पर काबिज रहेंगे.

संबंधित समाचार