बलात्कारियों को जज पर हँसना भारी पड़ा

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डकैती और बलात्कार के दो अभियुक्तों को फैसले के दौरान जज पर हंसना महंगा पड़ा. मलेशिया में जोहर बारु सेशंस कोर्ट के जज ने इन दोनों को पिछले साल मई में 10 साल जेल और आठ बेंत लगाने की सजा सुनाई थी.

लेकिन सोमवार को अदालत ने एस अरमागम और स्टीवन लिम बैंग चुआन को झटका देते हुए उनकी सजा 35 साल जेल और 24 बेंतों की सजा में बदल दिया.

अपने फैसले में अदालत के जज दातुक अब्दुल मलिक ने इन दोनों से कहा कि मीडिया में इस संदर्भ में खबरें आईं थी कि अपीलकर्ताओं ने सेशंस कोर्ट के जज से मिली सजा का मखौल उड़ाया था.

अदालत का मानना है कि सेशंस कोर्ट के फैसले को हंसी में नहीं लिया जाना चाहिए था. अपीलकर्ताओं की इस हरकत पर आम आदमी गुस्से में है. इसलिए इस मामले में जन हित को देखते हुए कड़ी सजा की जरुरत है.

घटना

जज ने आगे कहा कि यह अपराध सुबह छह से सात बजे के बीच हुआ. केस के दस्तावेजों के अनुसार 28 फरवरी 2010 के दिन जब पीड़ित सोकर उठे और नमाज की तैयारी कर रहे थे, उन्हें पता लगा कि उनके घर में चार लोग घुस आए हैं.

इनमें से एक ने उन्हें चाकू दिखा कर धमकाया जबकि दूसरा लगातार गोल्फ क्लब से उन्हें मारता रहा. इसके बाद इन दोनों ने उन्हें बांध कर उनके सामने उनकी पत्नी का बलात्कार किया. उस समय उनकी छोटी बच्ची भी वहाँ मौजूद थी.

सेशंस कोर्ट ने 27 साल की महिला से बलात्कार के लिए एस अरमागम को 10 साल जेल और आठ बेंत और जबरन मुख मैथुन के लिए और 10 साल जेल के साथ-साथ आठ बेंत लगाने की सजा दी थी.

सजा दो मार्च को उन की गिरफ्तारी के बाद से जारी है. बचाव पक्ष ने इस सजा के खिलाफ अपील की और इसके बाद हाई कोट ने दोनों मामलों में सजा बढा कर 15 साल जेल और आठ बेंत कर दी.

सजा

अदालत ने सोमवार को बलात्कार के लिए 20 साल जेल और 12 बेंत और अन्य अपराध के लिए 15 साल और 12 बेंत कर दिया.

लिम को बलात्कार के लिए सेशंस कोर्ट ने 10 साल और आठ बेंत के अलावा चाकू दिखा कर लूटने के लिए आठ साल और आठ बेंत सुनाए थे. हाई कोर्ट ने इसे 18 साल और 10 बेंत कर दि़या.

अदालत के फैसले के बाद अब लिम को बलात्कार के लिए 20 साल जेल के अलावा 12 बेंत की मार खानी पडेगी. जबकि डकैती के लिए 15 साल और 12 बेंत अलग होंगे.

जज दातुक अब्दुल मलिक ने कहा कि अदालत ने आदेश दिया है कि यह दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. इसमें सुनिश्चित किया गया है कि लिम को गिरफ्तारी के दिन से 35 साल जेल और 24 बेंत की सजा भुगतनी होगी.

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