अमरीकी विमानों में नकली चीनी पुर्जे: रिपोर्ट

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Image caption रिपोर्ट का कहना है कि एक भी पुर्जे के फेल होने पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है

अमरीकी सीनेट की एक प्रमुख समिति का कहना है कि अमरीकी सैनिक उपकरणों में बड़ी तादाद में चीन के नकली इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों का इस्तेमाल हो रहा है.

सीनेट की सशस्त्र सेना मामलों की समिति को एक साल की जाँच के बाद पता चला कि अमरीकी सैनिक विमानों में नकली पुर्जों के लगभग 1800 मामले सामने आए.

रिपोर्ट के अनुसार लगभग 10 लाख संदिग्ध नकली पुर्जों में से 70 प्रतिशत चीन से आए हुए पाए गए.

इस रिपोर्ट में अमरीका में आपूर्ति के मामलों में गड़बड़ियों और नकली पुर्जों के बाजार पर लगाम कसने में चीन की विफलता को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.

समिति का कहना है कि एक भी पुर्जे में गड़बड़ी से सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा के मामलों को खतरा पैदा हो सकता है. इसके चलते अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन की लागत और बढ़ सकती है.

रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी सैनिक रात में ठीक से देखने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, ट्रांसमीटर या जीपीएस उपकरणों के छोटे और तकनीकी रूप से काफी अच्छे इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में एक भी पुर्जा अगर फेल हुआ तो सैनिक की जिंदगी पर खतरा आ सकता है.

चीन के बाद ब्रिटेन और कनाडा से अमरीका में सबसे ज्यादा नकली पुर्जे जा रहे हैं.

चीन की आलोचना

समिति ने नकली पुर्जे बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करने के लिए चीन की आलोचना करते हुए कहा है कि मामले की जाँच करने चीन जाना चाह रहे समिति के सदस्यों को वीजा तक नहीं दिया गया.

रिपोर्ट के अनुसार, "चीन में खुले बाजार में नकली इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे बिकते हैं. इस समस्या को समझकर नकली सामान बनाने वालों को रोकने के बजाए चीनी सरकार ने जाँच से ही बचने की कोशिश की है."

मगर साथ ही रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि संदिग्ध नकली पुर्जों की जानकारी रखने के उद्देश्य से सरकार और उद्योग के बीच ऐसे आँकड़े इकट्ठे करने के लिए चलाया जा रहा कार्यक्रम विफल रहा है.

इस कार्यक्रम के तहत 2009 से 2010 के बीच नकली पुर्जों के सिर्फ 217 मामले सामने आए और उनमें भी अधिकतर सिर्फ छह कंपनियों की ओर से आई थीं. सरकारी एजेंसियों की ओर से सिर्फ 13 रिपोर्टें आईं.

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