मिस्र: राष्ट्रपति चुनाव के लिए जोड़-तोड़ शुरू

  • 26 मई 2012
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Image caption मिस्र की राजनीति के दो ताकतवर स्तंभ – सेना और ब्रदरहुड के बीच इस चुनाव में सीधी टक्कर होना तय है.

मिस्र की मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी ने देश में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण से पहले बाकी उम्मीदवारों को बातचीत का न्यौता दिया है.

पार्टी का कहना है कि उसके उम्मीदवार मुहम्मद मुरसी ने पहले चरण में सबसे ज्यादा, करीब 25 फीसदी वोट जीते है.

अभी तक मिले चुनावी नतीजों को देखते हुए दूसरे चरण में मुरसी का सीधा मुकाबला पूर्व शासक होस्नी मुबारक की सत्ता में प्रधानमंत्री रहे अहमद शफीक से होता दिख रहा है.

मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि अगर शफीक जीत गए तो मिस्र खतरे में पड़ जाएगा, इसलिए उन्हें हराने के लिए पार्टी दूसरे उम्मीदवारों से बात करेगी.

खबरों के अनुसार मुरसी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों और बड़े नेताओं को बातचीत के लिए शनिवार को बुलाया भी है.

सही मायनों में मिस्र के पहले स्वतंत्र राष्ट्रपति चुनाव के शुरूआती नतीजों में शफीक को करीब 24 फीसदी मत मिले है.

मुबारक के विरोधी और चहेते राष्ट्रवादी नेता हमदिन सब्बाही को तीसरा स्थान मिलता दिख रहा है.

बहुमत किसी को नहीं

अभी तक कुल 13,000 में से 11,000 मतदान केंद्रों पर नतीजे शोषित किए जा चुके है. हालांकि मतों की गिनती अभी जारी है और चुनाव के परिणाम 29 मई को आना है.

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Image caption मिस्र में मतों की गिनती जारी है. 11000 मतदान केंद्रो से नतीजे आ चुके है.

अभी तक कोई भी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी 50 फीसदी बहुमत नहीं मिल पाया है. दूसरे चरण का मतदान 16 और 17 जून को होना है.

मुरसी और शफीक मिस्र की सामाज के अलग-अलग हिस्सों से ताल्लुख रखते है.

मुरसी को देश में लोकप्रिय इस्लामिक राजनीति के एक हिस्से के तौर पर देखा जाता है जिसे होस्नी मुबारक की सत्ता के दौरान पीछे धकेल दिया गया था.

मुबारक की सत्ता के दौरान प्रधानमंत्री रह चुके शफीक को पुरानी धर्मनिरपेक्ष सत्ता के हिस्से के तौर पर देखा जाता है.

विश्लेशकों का कहना है कि शफीक को उन लोगों का समर्थन प्राप्त है जो इस्लामिक राजनीति के विरोध में खड़े है.

काहिरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन लेन का कहना है कि मिस्र की राजनीति के दो ताकतवर स्तंभ – सेना और ब्रदरहुड के बीच इस चुनाव में सीधी टक्कर होना तय है.

लेन के अनुसार मिस्र के कई नागरिकों के लिए ये स्थिति आदर्श तो नहीं है लेकिन, सब्बाही और अम्र मूसा की उम्मीदवारी से मतविभाजन तय है.

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