ईरान पांच परमाणु बम बना सकता है:रिपोर्ट

  • 27 मई 2012
ईरान का परमाणु कार्यक्रम इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम का उद्देश्य शांतिपूर्ण बताता है.

एक अमरीकी सुरक्षा संस्थान का कहना है कि ईरान ने पिछले पांच साल में कम-संवर्धित यूरेनियम की इतनी मात्रा का उत्पादन कर लिया है जिससे कम से कम पांच परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नजदीकी नजर रखने वाले इंस्टिट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी (आईएसआईएस) ने शुक्रवार को जारी अंतरराष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर ये विश्लेषण किया है.

पश्चिमी जगत और इस्राइल भी ईरान की परमाणु गतिविधियों पर और खास कर इस बात पर बराबर निगाह रखते हैं कि अगर ईरान परमाणु बम बनाने का फैसला करता है तो उसे इस काम को अंजाम देने में कितना वक्त लगेगा.

हालांकि ईरान इस तरह की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहता है कि वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु कार्यक्रम चला रहा है और उसे इसका पूरा हक है.

'तेज हुआ यूरेनियम संवर्धन'

ईरान के मुद्दे पर इसी हफ्ते बगदाद में हुई बातचीत में दुनिया के छह ताकतवर देश ईरान को अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम बंद करने के लिए राजी करने में नाकाम रहे.

ईरान के परमाणु मुद्दे पर एक दशक से जारी विवाद को निटपाने की एक और कोशिश के तहत अगले महीने रूस की राजधानी मॉस्को में फिर बैठक होगी.

शुक्रवार को जारी आईएईए की रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम तेज कर दिया और वो इन गतिविधियों को रोकने की संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों की हिदायतों को अनदेखा कर रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने 2007 से 3.5 प्रतिशत के स्तर का 6.2 टन यूरेनियम संवर्धित किया है. इसमें कुछ मात्रा को और अधिक संवर्धित किया गया.

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Image caption ईरान के मुद्दे पर अगली बैठक मॉस्को में होनी है.

ईरान के पास इस वक्त संवर्धित यूरेनियम की मात्रा फरवरी में जारी आईएईए की रिपोर्ट में दी गई मात्रा से 750 किलोग्राम ज्यादा है. आईएसआईएस का कहना है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम का मासिक उत्पादन मोटे तौर पर एक तिहाई बढ़ गया है.

पश्चिमी जगत का संदेह

अपने विश्लेषण में आईएसआईएस का कहना है, “3.5 प्रतिशत स्तर वाले कम संवर्धित यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड का अगर और संवर्धन किया जाए तो पांच परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त होगा.”

आईएसआईएस की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ईरान के उच्च-स्तर वाले यूरेनियम में से कुछ को रिएक्टर के ईंधन में भी परिवर्तित किया गया है, जिसका परमाणु हथियार के लिए इस्तेमाल नहीं हो पाएगा, कम से कम आसानी तो नहीं.

संवर्धित यूरेनियम को परमाणु बिजली बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ईरान इसी को अपने परमाणु कार्यक्रम का उद्देश्य भी बताता है. लेकिन पश्चिमी जगत को संदेह है कि ईरान के इनकार के बावजूद उसके परमाणु कार्यक्रम का आखिरकार उद्देश्य परमाणु बम बनाना हो सकता है.

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