सीरिया में हुआ बच्चों का नरसंहार:संयुक्त राष्ट्र

सीरिया हुला

सीरिया के तनावग्रस्त होम्स सूबे में सुरक्षाबलों की तरफ से शुक्रवार को की गई गोलीबारी में 90 लोगों की मौत हो गई.

संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों के अनुसार इस 'कत्लेआम' में 32 बच्चे भी मारे गए.

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के मिशन प्रमुख मेजर जनरल रोबर्ट मूड ने बीबीसी को बताया कि हुला में अंधाधुंध तरीके से लोगों को मारा गया, जिसकी कोई क्षमा नहीं हो सकती है.

संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष बान की मून ने कहा कि आम लोगो पर ये हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है.

सीरिया की सरकार ने लोगों की मौत के लिए "हथियारबंद चरमपंथियों" को जिम्मेदार ठहराया है.

राष्ट्रपति अल असद के खिलाफ पिछले साल मार्च से विरोध शुरू होने के बाद से ये अब तक किसी एक इलाके में हुई सबसे विभत्स घटना है.

सरकार विरोधी कार्यकर्ताओं ने इसे 'जनसंहार' की संज्ञा देते हुए कहा है कि शहर पर की गई गोलाबारी में लोग बड़ी संख्या में घायल भी हुए हैं.

उन्होंने इसे 'कत्लेआम' करार देते हुए राष्ट्रीय शोक दिवस का आह्वान किया है. साथ ही संयुक्त राष्ट्र से अपील की गई है कि वो नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को तेज करे.

'हथियार मुहैया न कराएँ'

इस बीच संयुक्त राष्ट्र अध्यक्ष बान की मून ने कहा है कि 'कुछ शहरों के बड़े हिस्से' पर विरोधी कार्यकर्ताओं का कब्जा है.

सुरक्षा परिषद को भेजी गई एक चिट्ठी में बान की मून ने स्थिति को गंभीर बताया है और सदस्य देशों से अपील की है कि वो किसी भी पक्ष को हथियार मुहैया न करवाएं.

कार्यकर्ताओं के मुताबिक शुक्रवार की नमाज के बाद जब दूसरे स्थानों पर हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए तो उन पर भी हमले किए गए जिसमें 20 अन्य लोगों की मौत हो गई है.

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Image caption सीरिया में डेढ़ साल से राष्ट्रपति असद के खिलाफ विद्रोह हो रहा है

हुला से कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकारी समर्थित लड़ाकों ने कुछ लोगों की क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी, जबकि कुछ गोलाबारी में मारे गए और कुछ को सीधे गोली मार दी गई.

बेरूत में बीबीसी संवाददाता जिम मोयर ने कहा है कि कार्यकर्ताओं द्वारा इंटरनेट पर जारी वीडियो में बच्चों की खून से लथपथ कुचली हुई लाशें दिखाई गई हैं जबकि पीछे से आ रही आवाज में कहा जा रहा है कि शवों की तादाद इतनी ज्यादा है कि उनकी गिनती कर पानी मुश्किल है.

कार्यकर्ताओं ने कहा है कि सुरक्षा बलों ने पूरे के पूरे परिवारों को शहर की सीमा पर ले जाकर कत्ल कर दिया.

'आतंकवादी गुट का हाथ'

सीरिया में अंतरराष्ट्रीय मिडिया के रिपोर्टिंग करने पर पाबंदी है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र-अरब लीग के शांति दूत कोफी अन्नान के एक प्रवक्ता ने कहा था कि वो दमिश्क जाने वाले हैं.

हालांकि प्रवक्ता ने इसकी कोई तारीख बताने से इंकार कर दिया.

सुरक्षा परिषद को भेजे गए खत में बान की मून ने ये भी कहा है कि हमला जिस कुशलता से किया गया है उससे लगता है कि सीरिया में हाल में हुए हमलों में आतंकवादी गुटों का हाथ हो सकता है.

पिछले माह दमिश्क में हुए एक बम हमले में 55 लोगों की मौत हो गई थी. सरकार ने इसमें अल-कायदा का हाथ बताया था.

हाल में शंका जताई जा रही है कि चरमपंथी गुट सीरिया में जारी उथल-पथल का फायदा उठाने की कोशिश कर वहां पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के एक समिति ने गुरूवार को कहा कि देश में जारी हिंसा के लिए सरकारी सुरक्षाबल अधिक जिम्मेदार है और वो संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों की उपस्थिति के बावजूद भी जारी है.

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