सीरिया में जनसंहार की कड़ी निन्दा

  • 27 मई 2012
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Image caption सीरिया के विपक्षी गुट की ओर से जारी की गई हमले में मारे गए लोगों के शवों की अंत्येष्टि से पहले की एक तस्वीर

संयुक्त राष्ट्र, अमरीका और पश्चिमी देशों ने सीरिया के हउला शहर में सेना के हमले में 90 से ज्यादा लोगों की मारे जाने की घटना की कड़े शब्दों में निन्दा की है और कई इसका समुचित जवाब दिए जाने के लिए दबाव बना रहे हैं.

मगर सीरिया सरकार ने इस घटना में अपने लिप्त होने से इनकार करते हुए इसके लिए "आतंकवादियों" को जिम्मेदार ठहराया है.

संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया से कहा है कि वो आबादी वाले इलाकों में भारी हथियारों का प्रयोग तत्काल बंद करे. संयुक्त राष्ट्र के सैन्य पर्यवेक्षकों ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद वहाँ टैंकों और गोलों से हमले होने की बात की पुष्टि की है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद को हत्याओं से शासन करना बंद करना चाहिए और जो भी जिम्मेदार हैं उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने इस बारे में चर्चा के लिए इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाने की माँग की है.

यूरोपीय संघ, अरब लीग, फ्रांस और जर्मनी ने भी हमले को स्तब्ध करनेवाला बताते हुए असद सरकार पर दबाव को और बढ़ाए जाने का आह्वान किया है.

फ्रांस के विदेश मंत्री लॉरां फेबियस ने कहा है कि वे पेरिस में – फ्रेंड्स ऑफ सीरिया – नामक गुट की बैठक करवाने के लिए प्रबंध कर रहे हैं जिसमें पश्चिमी और अरब देश शामिल हैं. मगर सीरिया पर प्रतिबंधों के प्रयासों का विरोध करनेवाले रूस और चीन इस समूह में नहीं हैं.

हमला

सीरिया के होम्स प्रांत में स्थित हउला पर शुक्रवार को सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद भारी बमबारी हुई थी.

संयुक्त राष्ट्र ने वहाँ 90 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है जिनमें से 32 बच्चे थे.

मगर सीरियाई कार्यकर्ताओं का कहना है कि मारे गए लोगों की संख्या और ज्यादा है.

उनका कहना है कि कई लोग गोलाबारी में मारे गए जबकि कई लोगों को शासकों के हथियारबंद गुट शबीहा के सदस्यों ने मार डाला.

सीरिया सरकार इन मौतों के लिए हथियारबंद आतंकवादी गिरोहों को जिम्मेदार ठहरा रही है.

सीरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जिहाद मकदिसी ने कहा है कि इस इलाके में शुक्रवार दोपहर को सुरक्षाबलों और सशस्त्र आतंकवादियों के बीच संघर्ष हुआ था.

उसके अनुसार सैकड़ों हथियारबंद लोग तब भारी गोला-बारूद लेकर जमा हो गए और उन्होंने शहर पर हमला कर दिया.

प्रवक्ता ने बताया कि सीरिया सरकार इस घटना की जाँच करवा रही है.

उल्लंघन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और यूएन-अरब लीग के दूत कोफी अन्नान ने कहा है कि सीरिया में विद्रोह के बाद सबसे हिंसक घटनाओं में गिनी जानेवाली ये घटना अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है.

दोनों नेताओं ने कहा कि वहाँ बल का अंधाधुंध और असंगत प्रयोग किया गया और इस हमले से सीरिया सरकार ने अपने वचन का उल्लंघन किया है.

सीरिया ने अप्रैल में कोफी अन्नान के प्रयास से एक छह सूत्री योजना को लागू करने का वचन दिया था जिसमें युद्धविराम करना और शहरी इलाकों से भारी हथियारों को हटाने जैसे बिन्दु शामिल थे.

इस बीच सीरिया के विपक्षी गुट – फ्री सीरियन आर्मी – ने कहा है कि वो अब संघर्षविराम को जारी रखने को लेकर तबतक प्रतिबद्ध नहीं रह सकता जबतक कि सुरक्षा परिषद उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार इस गुट ने एक बयान जारी कर कहा है कि अन्नान की योजना गर्त में जा रही है और सीरिया में संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों की नाक के नीचे हत्याएँ हो रही हैं.

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के लगभग 260 पर्यवेक्षकों की उपस्थिति के बावजूद हिंसा जारी है और पड़ोसी देश लेबनान में स्थित बीबीसी संवाददाता जिम म्योर का कहना है कि संघर्षविराम अब एक काल्पनिक चीज़ लग रहा है.

सीरिया में संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक दल के प्रमुख मेजर जनरल रॉबर्ट मूड ने हउला में हुए जनसंहार को एक बर्बर त्रासदी कहा है मगर उन्होंने ये नहीं कहा है कि इनके लिए जिम्मेदार कौन है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्थानीय लोग संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों से हत्याओं को रोकने के प्रयास ना कर पाने के लिए नाराज हैं.

हउला के एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा,"हमने उनको रात को बता दिया था, सात लोगों को फोन किया था. हमने उनसे कहा कि वहाँ इसी समय लोगों को मारा जा रहा है, मगर वे जनसंहार को रोकने के लिए नहीं आए."

एएफपी के अनुसार इदलीब प्रांत में एक प्रदर्शनकारी ने अपनी तख्ती पर लिखा था – "एकमात्र कोफी अन्नान हउला जनसंहार के लिए जिम्मेदार हैं."

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