टीम अन्ना के आरोप साबित हुए तो संन्यास: मनमोहन

  • 29 मई 2012
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Image caption इससे पहले टीम अन्ना ने मनमोहन सिंह पर सीधे कोई आरोप नहीं लगाया था

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि अगर अन्ना हज़ारे की टीम की ओर से उन पर लगाए आरोप साबित हो गए तो वो सार्वजानिक जीवन से संन्यास ले लेंगे.

बर्मा से भारत लौटते हुए पत्रकारों से बात करते हुए मनमोहन सिंह ने मंगलवार को अपने और साथी मंत्रियों पर लगे गए आरोपों को " गैरजिम्मेदाराना और दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया.

दो दिन पहले वकील प्रशांत भूषण ने व टीम अन्ना के अन्य सदस्यों ने यह आरोप लगाया था कि सिंह अपने मंत्रिमंडलीय साथियों के भ्रष्टाचार को देख कर आँखें मूँद लेते हैं.

भूषण और अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को एक पत्रकार वार्ता करके प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के अलावा 13 वरिष्ठ मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.

इस पत्रकारवार्ता में पहली बार टीम अन्ना ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर सीधे आरोप लगाए थे.

टीम अन्ना में मतभेद

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ऊपर आरोप लगाने को लेकर टीम अन्ना के भीतर ही मतभेद के स्वर सामने आ गए हैं.

बैंगलोर में टीम अन्ना के सबसे पुराने सदस्यों में से एक जस्टिस संतोष हेगड़े ने कहा कि वो टीम अन्ना के बाकी सदस्यों द्वारा लगाए आरोपों से सहमत नहीं हैं.

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Image caption टीम अन्ना के बयानों को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है

दूसरी तरफ़ विरोध के स्वर बढ़ने के बाद प्रशांत भूषण ने मंगलवार को फिर कहा कि भले प्रधानमंत्री खुद पैसा नहीं ले रहे हों लेकिन उनके भ्रष्ट मंत्री उनको कवच की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

इससे पहले टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने बीबीसी से बातचीत में कहा था, ''जब प्रशांत भूषण, अरविंद केजरीवाल और कई सहयोगियों ने छानबीन की तो ये पाया कि सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिन वर्षों में कोयला मंत्रालय संभाल रहे थे तो उस दौरान मंत्रालय ने जो खनन के लिए लाइसेंस, परमिट या जगह दी वो बहुत कम दामों पर दी गई. इससे लाखों करोड़ों का नुकसान हुआ.''

जाँच दल गठन करने की मांग

अन्ना हजारे और उनके निकट सहयोगियों ने प्रधानमंत्री शनिवार को भेजी एक चिट्ठी में तीन अवकाश प्राप्त जजों की सदस्यता वाली एक स्वतंत्र विशेष जांच टीम गठित करने की मांग की थी.

उन्होंने ये सुझाव भी दिया था कि सरकार छह जजों के एक पैनल से तीन जजों का चुनाव भी कर सकती है जिनमें जस्टिस सुदर्शन रेड्डी, ए के गांगुली, ए पी शाह, कुलदीप सिंह, जे एस वर्मा और एम एन वेंकटचिल्लैया शामिल हैं.

प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा गया था कि विशेष जांच टीम 'भ्रष्ट' कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ़ तो जांच करे ही साथ ही बहुजन समाजपार्टी प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव, आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता के खिलाफ लगे आरोपों की भी जांच करे.

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि विशेष जांच दल टीम अन्ना पर लगे आरोपों की जांच भी कर सकती है.

टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वो 24 जुलाई तक इंतज़ार करेंगे और अगर सरकार तब तक विशेष जांच दल के गठन की दिशा में कदम नहीं उठाएगी तो 25 जुलाई से वो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे.

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