नाजी 'डेथ-कैम्प' वाले ओबामा के बयान पर हंगामा

  • 31 मई 2012
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Image caption 'प्रेसीडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम' समारोह में राष्ट्रपति ओबामा ने पोलैंड में नाजी अपराधों की ओर ध्यान आकर्षित कराने में जान कास्की के प्रयासों का जिक्र किया था

नाजी 'डेथ-कैम्प' का पोलैंड से संबंध बताने वाले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बयान पर पोलैंड में हल्ला मच गया है.

ओबामा ने पोलैंड के जैन कास्की को मरणोपरांत 'प्रेसीडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम' से नवाजा है. इसी आयोजन के दौरान उन्होंने नाजी 'डेथ-कैम्प' और पोलैंड के संबंध में कथित विवादित टिप्पणी की थी.

व्हाइट हाउस ने खेद जताते हुए कहा है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा गलती से ये बात बोल गए, लेकिन पौलेंड चाहता है कि वे इसकी लिए माफी मांगे.

पौलेंड नाजियों की बर्बरता का शिकार हुआ था और नरसंहार के संबंध में किसी भी टिप्पणी को लेकर यहां के लोग बड़े संवेदनशील रहे हैं.

नाजी 'डेथ-कैम्प' का पोलैंड से संबंध बताने वाले किसी भी ब्योरे का यहां विरोध होता रहा है.

माफी की मांग

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनॉल्ड टस्क ने सीधे शब्दों में तो नहीं कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगे, लेकिन उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि इस मामले में सिर्फ खेद न जाहिर किया जाए.

लेकिन विदेश मंत्री रेडोस्लाव सिकोरस्की का कहना है कि व्हाइट हाउस आक्रोशित करने वाली इस भूल के लिए माफी मांगेगा.

'प्रेसीडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम' समारोह में राष्ट्रपति ओबामा ने पोलैंड में नाजी अपराधों की ओर ध्यान आकर्षित कराने में जैन कास्की के प्रयासों का जिक्र किया था.

कास्की ने जो देखा था, उसका ब्योरा बताने के लिए वे पहले लंदन गए थे. वे राष्ट्रपति फ्रेंकलिन रूजवेल्ट को यही जानकारी देने अमरीका भी गए थे.

कास्की बाद में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर बन गए थे. वर्ष 2000 में 86 साल की उम्र में वॉशिंगटन में उनका निधन हो गया था.

द्वितीय विश्व-युद्ध में पोलैंड के लगभग साठ लाख लोग मारे गए थे. इनमें से आधे से ज्यादा यहूदी थे जिन्हें नाजी 'डेथ-कैम्प' में मौत के घाट उतारा गया था.

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