रूस के कारण सीरिया गृह युद्ध की ओर: क्लिंटन

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Image caption हिलेरी क्लिंटन ने सीरिया की स्थिति के लिए रूस को जिम्मेदार बताया.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि सीरिया के बारे में रूस की नीति के कारण वहां गृह युद्ध को बढ़ावा मिलेगा.

क्लिंटन का ये बयान ऐसे समय में आया है जब रूस और चीन ने फिर अपने इस रुख को दोहराया है कि कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया के खिलाफ और कड़े कदम उठाए जाने का विरोध करेंगे.

बीते एक साल से विद्रोह और खूनखराबे से जूझ रहे सीरिया के मद्दे पर इससे पहले सुरक्षा परिषद में कड़े प्रस्तावों पर रूस और चीन ने वीटो किया था.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून बार बार कहते रहे हैं कि सीरिया 'विनाशकारी' गृह युद्ध की तरफ बढ़ रहा है, खासकर हौला नरसंहार के बाद, जिसमें 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे.

रूस पर निशाना

डेनमार्क की यात्रा पर पहुंची क्लिंटन ने कहा कि सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप की जरूरत दिन प्रति दिन मजबूत होती जा रही है.

क्लिंटन ने कोपेनहेगन में कहा, “वे (रूसी) मुझसे कह रहे हैं कि वे गृह युद्ध नहीं चाहते हैं. मैं उनसे कह चुकी हूं कि आपकी नीति वहां गृह युद्ध में योगदान दे रही है.”

हाल में सीरिया के हौला शहर में हुए नरसंहार के बाद राष्ट्रपति बशर अल असद पर अंतरराष्ट्रीय दबाव तेज हो गया है. हौला में 100 से ज्यादा लोग मारे गए जिनमें ज्यादातर बच्चे थे.

अमरीका और उसके सहयोगी पश्चिमी देश सीरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने की पैरवी कर रहे हैं लेकिन सुरक्षा परिषद के दो स्थायी सदस्य रूस और चीन की राय इस मुद्दे पर पश्चिमी देशों से अलग रही है.

इस बीच ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि उनका देश हौला नरसंहार के बाद सीरिया के लोगों को अकेला नहीं छोड़ सकता है और इस बारे में सभी विकल्पों पर चर्चा हो रही है.

संघर्षविराम पर सवाल

Image caption सीरिया में लगभग एक साल से अधिक से विद्रोह का सिलसिला जारी है.

उधर सीरियाई विद्रोही इस बात पर एकमत नहीं है कि अगर सीरिया की सेना बैरकों में वापस नहीं जाती हैं तो क्या उन्हें भी संघर्षविराम से पीछे हट जाना चाहिए.

विद्रोहियों की फ्री सीरियन आर्मी के (एफएसए) के कर्नल कासिम सादेद्दीन ने होम्स में कहा अगर शुक्रवार दोपहर तक सीरिया की सरकार से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आता है तो उनका गुट भी संघर्ष विराम से खुद को अलग कर लेगा.

लेकिन बाद में एफएसए के प्रमुख जनरल रियाद असद ने ऐसी किसी समयसीमा से इनकार किया.

इसके बजाय उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दूत कोफी अन्नान से ये घोषणा करने की अपील की है कि उनकी योजना नाकाम रही.

सीरिया में तीन हफ्ते गुजार कर लौटे बीबीसी संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि जमीनी स्तर पर संघर्षविराम पर कोई अमल नहीं हो रहा है.

राष्ट्रपति असद पर हौला नरसंहार के बाद से अन्नान की शांति योजना पर अमल करने को लेकर भारी अंतरराष्ट्रीय दवाब है.

हालांकि नरसंहार की जांच कर रहे सीरिया की सरकारी आयोग ने खून खराबे के लिए हौला और उसके आसपास के इलाके के 'हथियारबंद गुटों' को जिम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने कहा कि नरसंहार की जांच अभी चल रही है.

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