साइप्रस भी खस्ताहाल, मांग सकता है मदद

  • 4 जून 2012
यूरोजोन में संकट
Image caption यूरोप के 17 देशों में चलने वाली मुद्रा यूरो संकट में फंसी है.

आर्थिक संकट में घिरे यूरोजोन में एक और देश साइप्रस तंगहाली के कगार पर पहुंच रहा है.

साइप्रस की केंद्रीय बैंक के गवर्नर पेनिकोस देमेत्रिएदेस ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो उनका देश यूरोपीय संघ की मदद के लिए आवेदन करेगा. उन्होंने ये बात ब्रितानी अखबार 'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए साक्षात्कार में कही.

इससे पहले साइप्रस इन बातों को खारिज करता रहा है कि उसे आर्थिक मदद की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन उसका बैंकिंग क्षेत्र ग्रीस के संकट से सीधा प्रभावित हुआ है.

देमेत्रिएदेस ने कहा कि साइप्रस को 'मुश्किल हालात का सामना' करना पड़ रहा है.

साइप्रस पॉपुलर बैंक को इस महीन के अंत तक कम से कम 1.8 अरब यूरो जुटाने हैं ताकि वो यूरोपीय संघ के पूंजी संबंधी नए नियमों को पूरा कर सके.

विश्लेषकों के बीच यह धारणा मजबूत होती जा रही है कि साइप्रस अपने बूते इतनी बड़ी राशि नहीं जुटा पाएगा और अंत में ये धन यूरोपीय वित्तीय स्थिरता सुविधा (ईएफएसएफ) से आएगा.

साइप्रस पर ग्रीस की मार

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Image caption साइप्रस को ग्रीस के संकट का खमियाजा भुगतना पड़ा है.

अगले महीने से 27 देशों वाले यूरोपीय संघ की अध्यक्षता संभालने वाला साइप्रस अब तक यूरोपीय मदद की बजाय रूस से कर्ज लेने को प्राथमिकता दे रहा है. लेकिन अब उसके रुख में साफ बदलाव दिख रहा है.

दरअसल ग्रीस की वजह से साइप्रस की आर्थिक हालत पतली हुई है. ग्रीस को दी गई कर्ज रियायत में साइप्रस के बैंकों को तीन अरब यूरो से भी ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा जबकि ग्रीस के निजी क्षेत्र को दिए ऋण के रूप में साइप्रस के बैंकों के 22 अरब यूरो अब भी फंसे हैं.

साइप्रस के राष्ट्रपति देमेत्रिस क्रिस्तोफियास का कहना है कि अधिकारी ग्रीस के यूरोजोन छोडऩे की सूरत में पैदा होने वाली अफरा-तफरी वाली स्थिति से निपटने के लिए आपात योजना बना रहे हैं.

साइप्रस को भी अगर राहत पैकेज की जरूत पड़ती है तो इससे यूरोपीय संघ और यूरोजोन यानी जो देश यूरो मुद्रा का इस्तेमाल करते हैं, की मुश्किलें बढ़ेंगी जो पहले ही ग्रीस, आयरलैंड, इटली व स्पेन को संकट से उबारने के लिए जूझ रहे हैं.

खास कर ग्रीस के संकट के कारण यूरोजोन और साझा मुद्रा यूरो के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है.

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