जुबली समारोहः बकिंघम पैलेस में पॉप संगीत

Image caption रविवार को टेम्स नदी में हज़ार नौकाओं की यात्रा निकली. एक नाव पर महारानी और उनके संबंधी सवार थे

ब्रिटेन में महारानी के राज्याभिषेक के 60 वर्ष पूरे होने पर हो रहे हीरक जयंती समारोह के तीसरे दिन महारानी निवास के बाहर एक बड़ा संगीत आयोजन हो रहा है और दुनिया भर में मशालें जलाई जा रही हैं.

चार दिन के उत्सव के दूसरे दिन आयोजन का केंद्र टेम्स नदी थी जब उसमें हज़ार नावों का काफ़िला निकाला गया और जिसमें एक नाव पर महारानी और राजपरिवार के सदस्य सवार थे.

तीसरे दिन आयोजन का केंद्र महारानी का आधिकारिक निवास - बकिंघम पैलेस - है जिसके बाहर शाम को होनेवाले संगीत आयोजन में पश्चिमी संगीत के बड़े सितारे शामिल हो रहे हैं.

वहाँ सर पॉल मैक्कार्टनी, स्टीवी वंडर, सर एल्टन जॉन, क्लिफ़ रिचर्ड्स, रॉबी विलियम्स, काइली मिनॉग जैसे कलाकार गाने गाएँगे.

इस जुबली कन्सर्ट को देखनेवाले दर्शकों में गण्यमान्य अतिथियों के अतिरिक्त ऐसे दस हज़ार लोग होंगे जिन्हें सार्वजनिक लॉटरी में टिकट मिल पाया है.

इसके अतिरिक्त राजशाही से जुड़ी चैरिटी संस्थाओं से संबद्ध लोग भी वहाँ रहेंगे.

बारिश

Image caption बकिंघम पैलेस के बाहर संगीत आयोजन के बाद देश भर में मशालें जलाई जाएँगी

कन्सर्ट से पहले दोपहर में टिकट जीतनेवाले लोगों और वीआईपी हस्तियों के लिए बकिंघम पैलेस के बगीचे में एक पिकनिक रखी गई.

वहाँ सभी अतिथियों को खाने-पीने के सामानों से भरी डलिया दी गई है जिन्हें शाही रसोईए और एक अन्य जाने-माने रसोईए ने बनवाया है.

खाने के साथ-साथ और एक चीज़ दी जाएगी – बरसाती - क्योंकि आसमान पर बादल छाए हैं, हालाँकि मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बारिश की संभावना कम है.

रविवार को नौका यात्रा के दिन सारे दिन रूक-रूककर बारिश होती रही और तेज़ हवा से ठंड भी बढ़ गई.

बाद में बकिंघम पैलेस ने एक बयान में कहा कि बारिश के बावजूद भारी तादाद में लोग यात्रा को देखने के लिए आए, इस बात ने उन्हें काफी स्पर्श किया है.

रविवार को बारिश के कारण आयोजकों को कई कार्यक्रमों को बदलना पड़ा था.

मशाल

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Image caption रविवार को बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग आयोजन देखने के लिए घरों से बाहर निकले

महारानी के राज्याभिषेक की डायमंड जुबली समारोह के तीसरे दिन एक और प्रमुख आयोजन के तहत मशालें जलाई जा रही हैं.

कन्सर्ट की समाप्ति के ठीक बाद दस बजे से साढ़े दस बजे के बीच चार हज़ार से ज्यादा मशालें जलाई जाएँगी.

अंतिम मशाल महारानी जलाएँगी.

मशाल केवल ब्रिटेन ही नहीं, ब्रिटेन से जुड़े, राष्ट्रमंडल के, दुनिया भर के कई देशों में मशालें जलाई जा रही हैं.

हर देश में मशाल स्थानीय समय के हिसाब से रात 10 बजे जलाई जाएगी.

आयोजन से जुड़े कॉमनवेल्थ महासचिव कमलेश शर्मा ने कहा,"महारानी कॉमनवेल्थ के हृदय में बसती हैं, इसलिए कॉनवेल्थ भी इस आयोजन के हृदय में है. मशाल टोंगा से जलनी शुरू होगी और इसका समापन कनाडा के वेंकूवर में होगा."

संगीत आयोजन के बाद बकिंघम पैलेस के पास आतिशबाज़ी की भी तैयारी की गई है.

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