ब्रिटेन में डायमंड जुबली समारोह का समापन

  • 5 जून 2012
इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption बकिंघम पैलेस के झरोखे पर प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट के साथ महारानी एलिज़बेथ द्वितीय

ब्रिटेन की महारानी के राज्याभिषेक की डायमंड जुबली मनाने के लिए हुए चार दिवसीय आयोजनों का समापन महारानी एलिज़बेथ द्वितीय के बकिंघम पैलेस के झरोखे पर आने और भारी भीड़ का अभिवादन स्वीकार करने के साथ हो गया है.

इससे पहले महारानी ने सेंट पॉल्स गिरजाघर में एक प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया जहाँ इंग्लिश चर्च के प्रमुख, आर्चबिशप ऑफ़ कैंटरबरी, ने ब्रिटेन के लिए उनकी आजीवन निष्ठा की प्रशंसा की.

डॉक्टर रोवान विलियम्स ने कहा,"एक समुदाय के लिए निष्ठावान रहना, जो कि राष्ट्रीय भी है और अंतरराष्ट्रीय भी, एक तरह से ये कहने के बराबर है - कि ऐसा कोई लक्ष्य मेरा लक्ष्य नहीं जो कि इस समुदाय का लक्ष्य नहीं".

मगर इम मौके पर महारानी के पति, ड्यूक ऑफ़ एडिनबरा, प्रिंस फ़िलिप, अस्वस्थता के कारण मौजूद नहीं थे. वे ब्लाडर इन्फेक्शन के कारण कल से ही अस्पताल में भर्ती हैं.

मंगलवार को महारानी के बेट प्रिंस एडवर्ड ने अपनी पत्नी के साथ अस्पताल में अपने 90 वर्षीय पिता प्रिंस फ़िलिप का हाल-चाल देखने के बाद बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक हो रहा है.

मंगलवार को महारानी का दो मिनट का पहले से रिकॉर्ड किया हुआ एक संदेश भी रेडियो और टेलीविज़न पर प्रसारित किया जाएगा.

आयोजन

मंगलवार को बड़ी सुबह से ही सेंट पॉल्स गिरजाघर और बकिंघम पैलेस के बाहर भारी भीड़ जुटने लगी थी.

महारानी सुबह साढ़े दस बजे दिन सेंट पॉल्स पहुँचीं और उनके वहाँ आते ही भीड़ ने समवेत स्वर में ब्रिटेन के राष्ट्रगान के नारे लगाकर कहा – गॉड सेव द क्वीन.

सेंट पॉल्स में थैंक्सगिविंग सर्विस हुई जिसमें सरकार, सेना और शाही परिवार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के अतिरिक्त राजनयिकों और विदेशी नेताओं ने हिस्सा लिया.

वहाँ आर्चबिशप रोवान विलियम्स ने 60 वर्षों की सेवा के दौरान ब्रिटेन के लिए महारानी की निष्ठा की प्रशंसा की.

इसके बाद महारानी के सम्मान में लंदन मेयर के आधिकारिक निवास – मैन्शन हाउस – पर एक सभा हुई.

फिर राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य सड़कों के दोनों ओर खड़ी भारी भीड़ के बीच से संसद के सबसे पुराने कक्ष - वेस्टमिंस्टर हॉल – गए जहाँ उन्होंने दोपहर का भोजन किया.

इसके बाद वहाँ से महारानी, प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी कैमिला खुली बग्घी में बैठकर लंदन की सड़कों से होते हुए बकिंघम पैलेस गए

दूसरी बग्घी में प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट मिडिलटन और प्रिंस हैरी बैठे थे.

बकिंघम पैलेस के आगे के चौड़े मार्ग – द मॉल – पर सेना की टुकड़ियों ने बग्घी के आगे चलकर उन्हें महारानी निवास तक पहुँचाया और 60 बंदूकों की सलामी दी.

दिन का समापन महारानी और शाही परिवार के अन्य सदस्यों के वायुसेना के विमानों की सलामी लेने के लिए बकिंघम पैलेस के झरोखे पर आने के बाद हुआ.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार