मनुष्यों की जन्म दर घटी, कुत्तों की संख्या बढ़ी

कुत्ता
Image caption जापान में कुत्तों को लेकर लोगो का प्रेम बहुत ज्यादा है.

जापान में पिछले कुछ वर्षों में जन्म दर में बहुत कमी आई है लेकिन जहां बच्चों की जन्म दर में कमी हुई है वहीं देश में कुत्तों की जनसंख्या में भारी बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है.

जापान में लोगों को प्यारे हैं कुत्ते वीडियो देखिए

जापान में बच्चों से अधिक कुत्ते हो गए हैं. टोक्यो के कई इलाक़े ऐसे हैं जहां कुत्तों के कपड़ों की दुकानें बच्चों के कपड़ों की दुकानों से अधिक हैं.

इतना ही नहीं कुत्तों की देखभाल के लिए घर आसानी से मिल रहे हैं जबकि बच्चों के लिए नर्सरी की कमी पड़ गई है.

जापान में कुत्ते-बिल्लियों की संख्या में पिछले कुछ समय में तेज़ी से वृद्धि हुई है. बच्चों से अधिक संख्या में कुत्ते बिल्ली हो गए हैं. जहां देश की आबादी तेज़ी से बूढ़ी हो रही है वहीं जापान कुत्ते-बिल्लियों का सुपरपावर होता जा रहा है.

जापान के टोक्यो में रविवार को वैन वैन कार्निवाल आयोजित हुआ यानि कुत्तों का मेला जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपने कुत्तों के साथ शरीक हुए.

यहां कुत्ते लेकर आई एक महिला ने कहा, ‘‘हाइपेची, पोमैलानियन नस्ल के कुत्ते पसंद हैं मुझे और मैं इन्हें कपड़े भी पहनाती हूं और ये कपड़े पहन कर वो बहुत खूबसूरत लगती है. ये हमारे बच्चों जैसे हैं. हम नहाते भी एक साथ हैं खाते भी साथ में हैं और सोते भी साथ में हैं. ये हमारे बच्चों जैसे ही हैं.हम जहां जाते हैं उन्हें साथ लेकर जाते हैं. वो हमारे अपने बच्चों जैसे हैं.’’

लगता है कि टोक्यो में कुत्तों का जीवन बड़ा मजेदार है. ज़ाहिर है जैसे जैसे इनकी संख्या बढ़ रही है उनकी 'बदमाशियां' भी बढ़ रही हैं.

कई परिवार अपने कुत्तों के लिए मंहगे उपहार खरीदते हैं और कई तरह के डिजाइनर खिलौने भी. उनका महत्व परिवार में किसी बच्चे से कम ही नहीं है.

कुत्तों का पालने वाली एक महिला कहती हैं, ‘‘ये मेरी कुतिया के लिए स्वेटर है. उसके लिए मैं एक टोपी भी लेकर आई हूँ. जिंजर की अपनी अलमारी है जिसमें उसके कपड़े रखे जाते हैं और उसका पूरा सामान भी.’’

बात सिर्फ कपड़ों तक नहीं है. कुत्तों का एक पार्लर भी हैं जहां वो सजते संवरते हैं मेकअप करवाते हैं. कुत्तों का यह उद्योग हर साल 10 अरब डॉलर से अधिक का है. इसमें आप कुत्तों के भोजन, उनके नहाने की जगह, योगा कक्षाएं और रेस्तरां भी जोड़ सकते हैं जो कुत्तों के लिए ही लिए हैं.

हालांत गंभीर

जापान में हालात ऐसे हो गए हैं कि कई दंपत्ति बच्चे नहीं पैदा करते और इसके बदले में कुत्ता पाल लेते हैं.

रोलैंड कहते हैं, ‘‘ मैं आपसे सच कहता हूं मैं तो चाहता था बच्चा हो लेकिन मेरी पार्टनर बच्चा नहीं चाहती थी. जापान में बच्चा हो तो औरतों के लिए नौकरी करना मुश्किल होता है. और वो अपनी नौकरी छोड़ना नहीं चाहती है. यही सोचकर हमने कुत्ता पाल लिया.’’

जापान में बड़े पैमाने पर महिलाएं नौकरी करती हैं लेकिन जापानी कंपनियां मां बनने के लिए सुविधाएं देने से कतराती हैं. यही कारण है कि कई जापानी औरतें अपने पहले बच्चे के लिए नौकरी छोड़ देती है. आंखों की सर्जरी करने वाली तोशिको होरिकोसी ने तो फैसला कर लिया वो बच्चा ही पैदा नहीं करेंगी.

वो कहती हैं, ‘‘मेरे बॉस ने कहा कि अगर अच्छा डाक्टर बनना है तो बच्चा मत पैदा करो. क्या कर सकते थे . मैं डाक्टर होना चाहती थी तो मैंने तय कर लिया कि बच्चा ही पैदा नहीं करुंगी.’’

जापान में मानव आबादी तेजी़ से कम हो रही है. सरकारी आकड़ों के अनुसार अगर यही दर रही तो अगली सदी में जापान की जनसंख्या दो तिहाई घट जाएगी. कई उपाय किए गए लेकिन लगता है कि जापान ये नहीं समझ पा रहा है कि मनुष्य का असली और टिकाऊ दोस्त कुत्ता नहीं आखिरकार मनुष्य ही होता है.

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