उपचुनाव में धन के दुरुपयोग का नया कीर्तिमान

  • 12 जून 2012
आंध्रप्रदेश
Image caption इन उपचुनावों को 2014 के आम चुनाव से पहले का सेमीफाइनल माना जा रहा है.

आंध्रप्रदेश में विधानसभा की 18 और लोकसभा की एक सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए मंगलवार को वोट डाले जाएंगे.

इन चुनावों के लिए सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है. इन उपचुनावों को 2014 के आम चुनाव से पहले का सेमीफाइनल माना जा रहा है जिसमें 46 लाख मतदाता वोट डाल पाएँगे.

इस उपचुनाव में मुख्य टक्कर कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस और तेलगुदेशम पार्टी के बीच है और इनमें राजनैतिक दलों की और से धन के दुरुपयोग का भी नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है.

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी भंवरलाल के अनुसार अब तक 42 करोड़ रुपये नकद, 13 करोड़ के सोने-चांदी के आभूषण और दो लाख लीटर शराब ज़ब्त की गई है.

ये सब चीज़ें मतदाताओं में बांटने के लिए ले जाई जा रही थीं.

अधिकारियों के अनुसार जितनी राशि पकड़ी गई है उससे ज्यादा बांटी गई है. रायदुर्ग, नर्सपुरम, तिरुपति और तेलंगाना के कई इलाकों में पैसा बांटने का आरोप लगाया गया है.

साख की लड़ाई

जिस तरह से इन चुनावों में धन का दुरुपयोग हुआ है उससे ये स्पष्ट है कि राजनैतिक दलों के लिए ये चुनाव जीतना कितना महत्वपूर्ण है.

आंध्रप्रदेश की 18 में से 17 विधानसभा सीटें और नेल्लोर की लोकसभा सीट पर जगनमोहन रेड्डी के समर्थकों जीते थे.

इसलिए दोबारा जीतना उनकी पार्टी के अस्तित्व के लिए बेहद ज़रूरी है.

उपचुनाव अभियान के दौरान सीबीआई ने जगन मोहन रेड्डी को आय से अधिक संपत्ति रखने, आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया था.

Image caption चतक

जगनमोहन रेड्डी की गैरमौजूदगी में उनकी पार्टी का प्रचार अभियान उनकी मां विजयलक्ष्मी और बहन शर्मीला ने चलाया था.

दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए भी ये अपनी साख बचाने की कोशिश है. अगर वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो आंध्रप्रदेश भी दूसरा तमिलनाडु बन सकता है.

मुख्य विपक्षी दल तेलुगुदेशम पार्टी इस उम्मीद में है कि कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस की आपसी लड़ाई और वोटों के बंटवारे का फायदा उसे मिलेगा.

टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस दोनों पर ही भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

तेलंगाना की एकमात्र परकाल सीट पर सीधी टक्कर तेलांगना राष्ट्र समिति और भारतीय जनता पार्टी के बीच है और यहां का असल मुद्दा अलग तेलंगाना राज्य बनाना है.

हिंसा और गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने स्थानीय पुलिस के साथ अर्ध सैनिक बलों की 140 कम्पनियां तैनात की हैं.

मंगलवार के मतदान के बाद सभी को 15 जून का इंतज़ार रहेगा जब वोटों की गिनती होगी और संकेत मिलेगा कि राज्य में किसका पलड़ा भारी है.

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