आर्थिक बदहाली से परेशान ग्रीस गांव की ओर

Image caption बदहाली ने तीन पीढ़ियों को मजबूरी में ही सही, एक साथ ला खड़ा किया है

कैरिनोस का परिवार धूप से बचने के एक पेड़ के नीचे बैठा है. ग्रीस के आर्थिक हालात ने तीन पीढ़ियों को यहाँ बैठने के लिए मजबूर कर दिया है.

पिछले साल तक थॉमस और एलेनि अपने दोनों बच्चों के साथ एथेंस में रह रहे थे. लेकिन नौकरी जाने के बाद टैक्स की भयानक मार ने उन्हें बेहाल कर दिया. उन्हें लगा कि अब शहरी जिंदगी जीना बहुत ही मुश्किल हो गया है.

थॉमस और एलेनि अपने दोनों बच्चों के साथ अपनी मां के घर उत्तर पश्चिम ग्रीस के एक छोटे से गांव पहिकलामो आ गए हैं.

बहुत साधारण सा खाना खाते समय एलनि ने बताया कि इसके अलावा उनलोगों के पास और कोई चारा ही नहीं बचा था.

एलनि का कहना था, “हमारे पास आमदनी का कोई जरिया नहीं बचा जबकि हमें अपने दोनों बच्चों को पालना भी था. जब मैं सवेरे जागती थी तो मैं सिर्फ नौकरी ढ़ूढती रहती थी और रात में मुझे नींद नहीं आती थी क्योंकि मैं कल के बारे में सोचती रहती थी.”

उनके पास कई और लोगों की कहानी बताती है, जिसमें उनके ननद की कहानी भी शामिल है.

एलनि कहती हैं, “जो काम मैं नहीं करना चाहती थी वही काम करना पड़ रहा है. मैं कतई यहां नहीं आना चाहती थी. लेकिन मेरे पास यहां आने के अलावा कोई चारा ही नहीं बचा. आर्थिक संकट ने तो हमें कहीं का नहीं छोड़ा.”

भारी बेरोजगारी

वर्तमान समय में ग्रीस में इस तरह की बेरोजगारी कभी नहीं दिखी. वहां बेरोजगारी की दर 21 फीसदी से ज्यादा हो चुकी है जबकि युवाओं में बेरोजगारी बढ़कर 54 फीसदी हो गई है.

ग्रीस में व्यापार खत्म होता जा रहा है और वहां की एक तिहाई जनता गरीबी रेखा से नीचे जी रही है. शहर से तेजी से पलायन हो रहा है.

हजारों लोगों ने शहर छोड़ दिया है. अभी हाल में किए गए एक सर्वे में बताया गया है कि 70 फीसदी लोग शहर छोड़कर चले जाना चाहते हैं.

शहर से बाहर के हालात कोई बेहतर नहीं है बल्कि वहां भी बदहाली हैं. जहां करिनोस का परिवार रह रहा है वह यूरोपीय संघ का सबसे गरीब भाग है.

थॉमस की 73 वर्षीय मां अपने परिवार के बारे में बात करते-करते रोने लगती हैं. हालांकि वो खुश भी हैं कि आर्थिक संकट ने उनके परिवार को एक साथ ला दिया है.

रविवार को होने वाले चुनाव में आर्थिक बदहाली का हिसाब वहां के राजनीतिक वर्ग को देना पड़ेगा.

चुनाव पर असर

Image caption कैरिनोस के परिवार का नया घर बिल्कुल झील के किनारे है

पिछले महीने के छह मई को हुए चुनाव में कोई ठोस परिणाम नहीं आए थे.

चार दशक से सत्ता में रही दोनों पार्टियों को भारी हार का सामना करना पड़ा और कुछ छोटी पार्टियों को इस बात के लिए वोट दिया गया कि वे देश के आर्थिक हालात को बदलने में सार्थक पहलकदमी करेगें.

ऐसा लगता है कि वही चुनाव परिणाम इस बार भी आने वाला है.

चुनाव का जो भी परिणाम हो, ग्रीस की जनसख्या का अनुपात तो बदल ही गया है.

उल्टा पलायन

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान देश के दूर-दराज भाग से हजारों-लाखों आदमी पलायन करके शहर आ गए थे.

1950 से 1950 के बीच एथेंस की जनसंख्या में दोगुनी बढ़ोतरी हुई.

लेकिन अब यह प्रक्रिया उलट गई है. लोग एथेंस से गांव की तरफ लौट रहे हैं.

थॉमस कैरिनोस को अपने गांव में कुछ काम मिल गया है जबकि परिवार के दूसरे लोग भी देश के बहुसंख्य लोगों की तरह खेती करने लगे हैं.

लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी थॉमस और एलिनि के बच्चों को है क्योंकि वे उस परिस्थिति से सामंजस्य ही नहीं बैठा पा रहे हैं.

बिगड़ रहे हालात

ग्रीस के हालात लगातार बदतर हो रहे हैं.

लोग परिवार के परंपरागत मूल्यों की ओर लौट रहे हैं जिसको उन्होंने वर्षों पहले छोड़ दिया था.

लेकिन परंपरागत परिवार ही उन्हें आसरा दे रहा है.

परिवार आज भी संकट के समय अपनों के लिए सबसे मजबूत और वफादार है.

कैरिनोस के परिवार का नया घर बिल्कुल झील के किनारे है. काफी खुबसूरत. लकड़ी का नाव बांस और फूलों से सजा है.

लोग प्रायः आते हैं और कहते हैं- सोचने के लिए बेहतर जगह है यह.

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