यूरो कप: रूस और पोलैंड के समर्थक भिड़े

  • 13 जून 2012
मैच से पहले समर्थक आपस में भिड़े इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption मैच से पहले रूस और पोलैंड के समर्थक आपस में भिड़े

पोलैंड की राजधानी वरसाव में यूरो कप के अंतर्गत पोलैंड और रूस के बीच होने वाले फु़टबॉल मैच से ठीक पहले दोनों देशों के समर्थक आपस में भिड़ गए.

हज़ारों रूसी समर्थकों ने रूस के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर वरसाव में रैली निकाली.

वरसाव स्थित बीबीसी संवाददाता डैन रोन के अनुसार रूस और पोलैंड के समर्थकों को आपस में लड़ने से बचाने के लिए लगभग छह हज़ार पुलिस बल तैनात किए गए हैं.

लेकिन दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी दुश्मनी के कारण तनाव बना हुआ है.

पोलैंड के कुछ समर्थकों ने रूसी समर्थकों पर हमला करने की कोशिश की और दोनों गुटों के बीच झड़पें हुईं.

रूसी समर्थक एक निश्चित रास्ते से अपनी रैली निकाल रहे थे इसलिए पुलिस को उन पर नियंत्रण रखने में आसानी थी लेकिन जैसे ही वे शहर के अलग-अलग हिस्सों में फैल गए पुलिस को उन पर काबू पाने में दिक्कत होने लगी.

शुरूआती जानकारी के मुताबिक इन झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं.

रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स के अनुसार एक दूसरी घटना में पोलैंड के लगभग 50 समर्थकों ने वरसाव के एक कैफे में बैठे रूसी समर्थकों पर हमला कर दिया.

रैली की आलोचना

रूस की विपक्षी पार्टी ने रूसी समर्थकों के जरिए निकाली गई रैली की आलोचना की थी और इसे भड़काने वाला कदम करार दिया था लेकिन पोलैंड के अधिकारियों ने रूसी समर्थकों को रैली निकालने की इजाजत दे दी थी.

पोलैंड की मीडिया में इस बात को लेकर काफी चर्चा हो रही थी कि कुछ रूसी समर्थक रैली के दौरान रूसी झंडे लहरा सकते हैं जो कि कई पोलिश समर्थकों के लिए काफी संवेदनशील मुद्दा है.

पोलैंड के लोग रूस के शासन के जमाने को काफी घृणा की नजर से देखते हैं.

यूरोपीय फुटबॉल को चलाने वाली संस्था यूइफा ने यूरो कप 2012 के दौरान कई रूसी समर्थकों के बर्ताव के कारण रूस के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.

शुक्रवार को खेले गए मैच में रूस ने चेक गणराज्य को एक के मुकाबले चार गोल से हरा दिया था, उसके बाद रूसी समर्थक स्टेडियम के अंदर कर्मचारियों से मारपीट करते हुए कैमरे में देखे गए थे.

सोमवार को रूसी फुटबॉल संघ ने एक बयान दारी कर कहा था, "पोलैंड में मौजूद सभी रूसी फुटबॉल समर्थकों से हम अनुरोध करते हैं कि वे इस बात का ख्याल रखें कि वे रूस का प्रतिनिधित्व करते हैं. कृपया आप अपना, अपने देश और अपनी टीम सम्मान करें.''

रूस ने लगभग एक सौ साल तक पोलैंड पर हुकुमत की थी और शीत युद्ध के दौरान भी पोलैंड पर अपना वर्चस्व कायम रखा था.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार