एशिया के कुछ सुलगते विवाद

  • 13 जून 2012

विवादों के बारे में और जानकारी के लिए नक्शे पर बनी तस्वीरों पर क्लिक करें.

भारत-चीन

चीन और भारत के बीच सीमा को लेकर तनाव वैसे कम हो गया है मगर अब आर्थिक उन्नति के कारण दोनों एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं. भारत के अपने परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण के पीछे सबसे बड़ा कारण है चीन. भारत के पास बहुत शीघ्र बैलिस्टिक मिसाइलों को ले जा सकने वाली अपनी पनडुब्बियाँ होंगी. भारत अपनी पारंपरिक सेना का भी विस्तार कर रहा है, खास तौर पर वायु सेना का जिसके आधुनिकीकरण के लिए ज़ोर-शोर से प्रयास हो रहा है.

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अमरीका-चीन

चीन समुद्र में सैनिक ताकत बढ़ा रहा है. इसके लिए वो अपने युद्धपोतों को बेहतर बना रहा है, वायुसेना की क्षमता बढ़ा रहा है और पहला विमानवाहक युद्धपोत ला रहा है. वो अमरीकी नौसेना की पहुँच को रोकने के लिए भी अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. चीन की महत्वाकांक्षा से उपजी क्षेत्रीय बेचैनी से अमरीका को एशिया में फिर अपनी धुरी लगाने का मौका मिल गया है. चीन-अमरीका संघर्ष की बात क्या बस अटकलबाज़ी है जो कभी नहीं होगा? या फिर ये कल्पना कभी सच्चाई में भी बदल पाएगी?

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उत्तर-दक्षिण कोरिया

इस क्षेत्र का सबसे लंबे समय से चल रहा और सबसे ख़तरनाक संघर्ष. उत्तर कोरिया के नए नेतृत्व का रूख़ क्या होगा इसे लेकर चिंता बढ़ रही है और एक नए परमाणु परीक्षण की तैयारी का संकेत मिल रहा है. तनाव बढ़ने पर उत्तर कोरिया की दक्षिण कोरिया के ख़िलाफ़ सीधी कार्रवाई की इच्छा, और 2010 में एक छोटे दक्षिण कोरियाई जहाज़ को डुबा देने जैसी घटना से, ये इलाका संघर्ष का एक प्रमुख स्थान बना हुआ है.

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सेन्काकू द्वीपसमूह

जापान और चीन के बीच एक पुराने संघर्ष का कारण. जापान 1971 से सेन्काकू द्वीपसमूह का शासन चला रहा है. 1895 से लेकर दूसरे विश्वयुद्ध की समाप्ति तक इन द्वीपों पर जापान का कब्ज़ा रहा है. चीन और ताइवान इन्हें दिआओयू द्वीप कहते हैं और इसे 16वीं शताब्दी से ही चीन का हिस्सा समझते हैं. चीन और जापान के कूटनीतिक रिश्ते 2010 में बेहद खराब हो गए जब जापानी तटरक्षकों ने एक टक्कर के बाद मछली पकड़नेवाले एक चीनी जहाज़ के कप्तान को पकड़ लिया.

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स्कारबोरो सोआल

चीन और फ़िलीपींस के बीच विवादित चट्टानी समुद्री स्थल जो मध्य पूर्व से जापान को तेल की सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. इस साल अप्रैल-मई में चीन के एक गश्ती दल ने फ़िलीपींस के एक नौसैनिक जहाज़ को चीनी मछुआरों को पकड़ने से रोका जिसके बाद इस क्षेत्र में काफ़ी तनाव की स्थिति रही. फ़िलीपींस सरकार अमरीका से अपने रक्षा संबंधों को मज़बूत बनाना चाहती है.

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चीन-ताईवान

कोरियाई तनाव की तरह का ही ये एक और पुराना संघर्ष है. चीन सरकार ताईवान को अपने ही से टूटा हुआ एक हिस्सा मानती है. चीन अपनी नौसेना का विस्तार कर रहा है और उसके मिसाइलों की बढ़ती ताक़त से ताईवान की चिन्ता बढ़ रही है. हालाँकि ताईवान पर जबरन अधिकार करने के लिए चीन को दूसरे विश्वयुद्ध की तरह का प्रयास करना होगा. ताईवानी सेना के आधुनिकीकरण, विशेष रूप से वायुसेना की ताक़त बढ़ाए जाने के प्रयासों से चीन के साथ उनका तनाव बढ़ता है और अमरीका-चीन संबंधों में भी जटिलता आती है.

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स्प्रैटली द्वीपसमूह

दक्षिण चीन समुद्र के विवादों के केंद्र में है स्प्रैटली द्वीपसमूह जो 100 से अधिक छोटे द्वीपों से बना है और जो मछलियों के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में स्थित हैं और जहाँ माना जाता है कि तेल और गैस का बड़ा भंडार स्थित है. चीन, ताईवान और वियतनाम इन्हें पूरी तरह से अपना बताते हैं. मलेशिया और फ़िलीपींस भी इसके एक अच्छे खासे भाग पर अपना हक जताते हैं. ये देश वहाँ के कुछ द्वीपों पर अपने सैनिकों को भी तैनात रखे हुए हैं.

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