ग्रीस में जीत के प्रति आश्वस्त है सीरिजा पार्टी

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Image caption एलेक्सिस सिप्रास ने सीरिजा पार्टी को ग्रीस में लोकप्रियता दिलाई

ग्रीस में रविवार को मतदान हो रहे हैं और इस चुनाव में वामपंथी पार्टी सीरिजा की जीत की संभावना जताई जा रही है.

इसके 37 वर्षीय नेता एलेक्सिस सिप्रास ने पिछले चुनाव में महज पांच प्रतिशत तक वोट हासिल करने वाली पार्टी सीरिजा को दूसरा स्थान दिलवाया था.

बीबीसी के एक कार्यक्रम के लिए क्लो हैद्जीमैथ्यू ने सीरिजा के साथ ये जानने के लिए दो हफ्ते बिताए कि ये हैं कौन और क्या चाहते हैं?

सीरिजा के एक कार्यालय में एक छोटे कमरे में प्लास्टिक की कुर्सियों पर आम लोगों को बुलाया गया ताकि वे अपने सवाल पूछें और अपनी समस्याएं बताएं.

एथेंस के एयरपोर्ट पर काम करने वाले कई लोग उस कार्यालय में आए और उन्होंने अपनी समस्याएं बताईं.

उन्हीं में से एक जॉर्ज कहते हैं कि उनका ग्रीस की दोनों पार्टियों से मोहभंग हो गया है जिन्होंने दशकों से राजनीति पर एकाधिकार बनाए रखा है, “हम उन पर और अधिक विश्वास नहीं कर सकते. हमारा राजनीतिक तंत्र और हमारे नेता, ये दोनों ही भ्रष्ट हो गए हैं.”

इस कार्यक्रम में सीरिजा के उम्मीदवार कोस्टास इसिकोस श्रमिकों के साथ बातचीत में स्वीकार करते हैं कि वे संसद में एक सीट जीतने के विचार को लेकर काफी बेचैन हैं,

“विपक्ष में बैठना अक्सर आसान होता है क्योंकि कई बार आप आसानी से आलोचना कर सकते हैं. ऐसा इसलिए कि आपके पास कोई जिम्मेदारी नहीं होती. लेकिन इस वक्त हमारी रातों की नींद उड़ी हुई है.”

यानिस बोर्नोस सीरिजा के यूरोपियन नीति विभाग के प्रमुख हैं, लेकिन पार्टी के हित में वे उसके प्रवक्ता बन गए हैं.

बोर्नोस का कहना है कि हम लोगों ने कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, अमरीका, ब्राजील, अर्जेंटीना जैसे तमाम देशों की मीडिया के साथ बातचीत की है और उन्हें इंटर्व्यू दिया है.

लेकिन ये पूछने पर कि कजाकिस्तान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के बारे में सीरिजा का क्या रुख है, बोर्नोस खिलखिलाकर हँस पड़ते हैं और कोई सीधा जवाब नहीं देते.

बोर्नोस कहते हैं, “हम खुद को वामपंथी लोकतांत्रिक गठबंधन मानते हैं जो कि वामपंथ की विभिन्न परंपराओं को शामिल करने में लगा है. इसे आप हमारी पार्टी के लोगो की तस्वीर देखकर समझ सकते हैं.”

सीरिजा पार्टी के लोगो में मार्क्सवाद, पर्यावरण और नारीवाद के मूलतत्व शामिल हैं और पार्टी का आधिकारिक शीर्षक भी यही है- असली वामपंथियों का गठबंधन.

लेकिन सवाल उठता है कि इस पार्टी के लिए कितने असली यानी रेडिकल हैं. इस पर बोर्नोस कहते हैं, “हम एक वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति की बजाय रेडिकल यानी असली शब्द की व्याख्या करना चाहते हैं. दरअसल, इसका ये बिल्कुल मतलब नहीं कि हम हथियार लेकर चलते हैं या फिर गृह-युद्ध की वकालत करते हैं.”

बोर्नोस आगे कहते हैं, “बड़े व्यापारी घराने करों में छूट का लाभ उठा रहे हैं क्योंकि पिछले तीस सालों की सरकार की नीति ही ऐसी है. यदि ग्रीस में वामपंथी सरकार बनती है तो इस तरह की रियायतों को तो आप भूल ही जाएं.”

वहीं सीरिजा के उम्मीदवार कोस्टास इसिकोस कोस्टास का कहा है कि हम देश का पुनर्निर्माण करने जा रहे हैं और लोकतंत्र की दोबारा खोज कर रहे हैं.

ये सवाल पूछने पर कि क्या इतनी बडी़ जिम्मेदारी निभाने का आपके पास कोई अनुभव है, कोस्टास कहते हैं, “हम तीन महीने से भी कम समय में बीस साल का अनुभव प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं. पता नहीं, ये हम हासिल कर सकते हैं या नहीं, लेकिन ये एक सुखद अनुभव होगा.”

बहरहाल, चुनाव को लेकर सीरिजा बेहद उत्साहित है और उसके नेताओं को उम्मीद है कि वे चुनाव जीतकर ग्रीस में बदलाव की राजनीति शुरू कर सकेंगे.

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