राष्ट्रपति चुनाव: एनडीए का तय नहीं, अब यूपीए पर नजर

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के दिल्ली स्थित आवास पर हो रही एनडीए की बैठक खत्म हो गई है और इसके बाद राष्ट्रपति पद के किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है.

बैठक के बाद आडवाणी ने कहा है कि एनडीए, राष्ट्रपति चुनाव पर जारी घटनाक्रम पर गहरी नजर रखेगी और दोबारा एक बैठक करेगी जिसमें चर्चा के लिए मुख्यमंत्रियों को भी बुलाया जा सकता है.

उन्होंने ये भी कहा कि वे तमाम गैर-कांग्रेसी पार्टियों के नेताओं के साथ बराबर सम्पर्क में रहेंगे. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि बैठक में इस बारे में भी चर्चा हुई कि वित्त मंत्री कोई और बन जाए तो अच्छा होगा.

वर्ष 1969 के राष्ट्रपति चुनाव से मौजूदा चुनाव की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि आज जो सरकार है, उसमें इतना अविश्वास है जो उन्होंने इससे पहले किसी सरकार में नहीं देखा.

आडवाणी ने कहा कि वर्ष 1969 के राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को ही हरवाया दिया था.

वहीं यूपीए ने शाम चार बजे अपने सहयोगी दलों की बैठक बुलाई है.

कलाम 'हमारे' उम्मीदवार

इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता किरनमॉय नंदा की मौजूदगी में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए एपीजे अब्दुल कलाम ही हमारे उम्मीदवार हैं.

उन्होंने कहा कि कलाम ऐसे व्यक्ति हैं जो भारत का गौरव बढ़ा सकते हैं, इसलिए मैं सभी दलों से अपील करती हूं कि वे कलाम का समर्थन करें.

वहीं पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी दोबारा राष्ट्रपति बनने में दिलचस्पी दिखाई है. उन्होंने कहा है कि कई राजनीतिक दलों ने इसके लिए उनसे सम्पर्क किया है.

कलाम ने कहा, ''मैं उनके विचारों का सम्मान करता हूं और सही समय पर फैसला लूंगा.''

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पिछले दो दिनों से हुए तरह-तरह के जोड़-तोड़ के बाद तस्वीर शु्क्रवार शाम तक कुछ हद तक साफ होने की उम्मीद है.

पल-पल बदलते बयान

इस बीच समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात के बाद पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने कहा है कि एपीजे अब्दुल कलाम ममता बनर्जी के उम्मीदवार हैं.

उन्होंने ये भी कहा है कि समाजवादी पार्टी मध्यावधि चुनाव के पक्ष में नहीं है और न ही वे सरकार में शामिल होना चाहते हैं.

उधर राष्ट्रपति चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने कहा है कि उन्हें यूपीए की बैठक में नहीं बुलाया गया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह से बैठक से पहले बातचीत करेंगी.

दूसरी तरफ एनडीए के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम शुक्रवार दोपहर पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भोजन कर रहे हैं.

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक बार फिर दोहराया है कि एपीजे अब्दुल कलाम ही उनकी पहली पसंद हैं. उन्होंने यह भी दोहराया है कि मुलायम सिंह उनके साथ हैं और कलाम दोनों की साझा पसंद हैं.

पिछले दो दिनों के बदलते हुए घटनाक्रम में ममता बनर्जी और मुलायम सिंह ने डॉक्टर कलाम के अलावा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का नाम बताया था.

बाद में कांग्रेस ने तीनों नाम को खारिज कर दिया. कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने रहेंगे और अन्य दोनों नाम पार्टी को स्वीकार नहीं हैं.

यूपीए के घटक दलों की इस खींचतान के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी चेन्नई में मुख्यमंत्री जयललिता से मिले थे.

इस पर वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक नीरजा चौधरी ने बीबीसी से कहा, “अब सबसे महत्वपूर्ण मुलायम सिंह का रूख है. वैसे ममता-मुलायम के रूख से कांग्रेस एकजुट हो गई है.”

क्या कलाम चुनाव लड़ना चाहेंगे?

इमेज कॉपीरइट PTI
Image caption मुलायम और ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पद के लिए पहले तीन नाम सुझाए थे

नीरजा चौधरी का यह भी मानना है कि अब राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव तय लग रहे हैं.

उनका कहना था, “नीतीश कुमार के साथ शुक्रवार के लंच के बाद जेडीयू का रुख स्पष्ट हो जाएगा क्योंकि जेडीयू ने पहले कहा था कि वे कलाम के पक्ष में नहीं हैं.”

नीरजा के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुलायम का रुख है और उनके रुख से बहुत कुछ तय हो जाएगा.

नीरजा चौधरी का यह भी कहना था कि वैसे पूर्व राष्ट्रपति कलाम के ऊपर भी बहुत कुछ निर्भर करता है क्योंकि यह तो लग रहा है कि चुनाव होंगे लेकिन क्या कलाम प्रणब मुखर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहेंगे ये अब भी स्पष्ट नहीं है.

इससे पहले 2007 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी डॉक्टर कलाम का नाम कुछ पार्टियों ने उठाया था मगर तब भी उनकी ओर से संकेत दिया गया था कि अगर सर्वसम्मति होगी तभी वह राष्ट्रपति का दूसरा कार्यकाल चाहेंगे.

संबंधित समाचार