ग्रीस में राष्ट्रीय सरकार बनाने के प्रयास

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Image caption समारास के पास सरकार का गठन करने के लिए तीन दिन का समय है

ग्रीस में बहुत कम अंतर से बहुमत हासिल करने वाले नेता एंतोनिस समारास ने एक राष्ट्रीय सरकार के गठन के प्रयास तेज़ कर दिेए हैं.

उनका कहना है कि आर्थिक संकट से ग्रीस तभी निबट सकता है जब राष्ट्र हित को देखते हुए सभी राजनीतिक दल एक आम सहमति बनाएँ.

समारास की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ जिस बेलआउट पैकेज यानी आपातकालीन कर्ज़ की शर्तों पर सहमति हुई है उसमें बदलाव कराने के प्रयास किए जाएँगे.

इस चुनाव में दूसरे नंबर पर रही सिरीज़ा पार्टी का कहना है कि बेलआउट पैकेज की शर्तें उसे मंज़ूर नहीं है और वह विपक्ष में बैठने को तैयार है.

इस चुनाव को बेलआउट पैकेज पर जनमत संग्रह के रुप में देखा जा रहा था, ताज़ा परिणामों के मुताबिक़ ग्रीस की जनता ने साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो वाली व्यवस्था में ही बने रहने के पक्ष में मत दिया है, ग्रीस अगर बेलआउट पैकेज को नकार देता तो उसका यूरोपीय संघ में बने रहना संभव नहीं होता क्योंकि अपनी कर्ज़ की किस्तें अदा नहीं कर पाता और डिफॉल्टर बन जाता.

ग्रीस के राष्ट्रपति ने संविधान के नियमों के अनुरूप नए नेता को आम सहमति बनाने के लिए तीन दिन का समय दिया है, समारास ने आशा प्रकट की है कि वे इस कोशिश में सफल होंगे. समारास सिरीज़ा पार्टी के नेता एलिक्स सिपरास से मुलाक़ात कर रहे हैं.

समारास सोशलिस्ट पासोक पार्टी के नेता से भी मुलाक़ात करने वाले हैं जो बेलआउट पैकेज के शर्तों के ख़िलाफ़ रही है. तीन सौ सीटों वाली ग्रीक संसद में न्यू डेमोक्रेसी पार्टी को 129, सिरीजा पार्टी को 71 और पासोक पार्टी को 33 सीटें मिली हैं.

अमरीका ने कहा है कि ग्रीस का यूरोपीय संघ में बने रहना ही सबके हित में है.

आर्थिक संकट से गुज़र रहे यूरोप पर नज़र रखने वालों का कहना है कि ग्रीस का नया नेतृत्व यूरोपीय संघ से आपातकालीन कर्ज़ की शर्तों में रियायत माँगेगा मगर जर्मन विदेश मंत्री और सराकर के प्रवक्ता कई बार कह चुके हैं कि ग्रीस को बेलआउट पैकेज की शर्तों का पालन करना चाहिए और अपने वादे पूरे करने चाहिए.

ग्रीस के चुनाव नतीजे सामने आने के बाद कई यूरोपीय शेयर बाज़ारों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई थी मगर जल्दी ही उन्हें एक बार फिर आशंकाओं ने घेर लिया.

सबसे बड़ी आशंका स्पेन को लेकर व्यक्त की जा रही है जहाँ स्पेनी सरकार को दिए जाने वाले कर्ज़ पर ब्याज की दर सात प्रतिशत तक जा पहुँची है.

यूरोपीय शेयर बाज़ार मामूली उछाल के बाद एक बार फिर ठिठक गए हैं. जानकारों का कहना है कि यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं में स्थिरता लाने के लिए अभी बहुत प्रयास किए जाने की ज़रूरत है.

ग्रीस को दिया गया पहला पैकेज 138 अरब डॉलर का था जबकि पिछले साल दिया गया दूसरा पैकेज 130 अरब यूरो का था.

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