मिस्र में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे टले

  • 21 जून 2012
मिस्र इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption मिस्र की राजधानी काहिरा में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

मिस्र के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक देश में हुए राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे फिलहाल टाल दिए गए हैं. इन नतीजों की घोषणा गुरूवार को होनी थी.

हालांकि अब देश के 'सर्वोच्च चुनाव आयोग' का कहना है कि उसे उम्मीदवारों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए और ज्यादा समय की आव्यशकता है.

इस बीच चुनाव में भाग लेने वाले दोनों उम्मीदवारों, मोहम्मद मुरसी और अहमद शफीक, का दावा है कि उनकी जीत हुई है.

मिस्र में हुए राष्ट्रपति चुनावों के सिलसिले में करीब 400 चुनावी शिकायतें दर्ज कराई गईं हैं और परिणाम की घोषणा के लिए तारीख अभी नहीं बताई जा रही है.

मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रत्याशी मोहामद मुरसी के प्रवक्ता नादेर ओमरान ने बीबीसी को बताया कि अब चुनावी नतीजों की घोषणा को टाला नहीं जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "इस फैसले से लोगों के बीच तनाव और रोष और ज्यादा बढेगा. इन लोगों को गुरूवार के दिन ही नतीजे घोषित कर देने चाहिए."

मुबारक की हालत 'नाज़ुक'

इस बीच मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की स्थिति चिंताजनक रुप से गंभीर बनी हुई है लेकिन स्थिर हैं.

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption कुछ ख़बरों में कहा गया है कि मुबारक की पत्नी भी अस्पताल में उनके निकट मौजूद हैं.

कुछ समय पहले आई खबरों में कहा गया था कि मुबारक की तकनीकी रूप से मृत्यु हो चुकी है लेकिन अब इनका खंडन किया गया है.

रक्षा सूत्रों का कहना है कि मुबारक को जेल में स्ट्रोक हुआ और उसके बाद उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

कुछ खबरों में इस बात का ज़िक्र है कि मुबारक की पत्नी भी अस्पताल में उनके निकट मौजूद हैं.

विरोध प्रदर्शन जारी

इस दौरान मिस्र में सत्ताधारी सैन्य परिषद द्वारा शक्तियां अपने हाथ में लेने के विरोध में काहिरा के तहरीर चौक पर विशाल प्रदर्शन जारी है.

इन प्रदर्शनों का आयोजन मुस्लिम ब्रदरहुड और दूसरे राजनीतिक संगठनों ने किया है.

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने देश की संसद को गैर कानूनी घोषित कर दिया था जिसके बाद सैन्य परिषद ने उसे भंग कर दिया और कई अहम शक्तियां अपने हाथ में ले लीं.

मुस्लिम ब्रदरहुड लगातार इनका विरोध करता रहा है.

हालांकि सैन्य परिषद ने कहा है कि वो नव-निर्वाचित राष्ट्रपति को इस महीने के अंत तक सत्ता पूर्ण रूप से सौंप देगी.

राजधानी काहिरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक मिस्र में अभी भी राजनीतिक और संवैधानिक संकट बना हुआ है.

संबंधित समाचार