ब्रितानी बच्चों की जुबां पर चढ़ी पंजाबी

फाइल फोटो
Image caption अध्ययन से पता चला कि ब्रिटेन में स्कूलों में अंग्रेजी बोलने वाले बच्चों की संख्या कम होती जा रही है

ब्रिटेन के स्कूलों में दस लाख बच्चे ऐसे हैं जिनके लिए अंग्रेज़ी पहली भाषा नहीं है और ऐसे बच्चों में सबसे अधिक बच्चे पंजाबी बोलते हैं.

ये पहली बार है जब ब्रिटेन में ऐसे बच्चों की संख्या दस लाख हो गई है जिनके लिए अंग्रेज़ी उनकी दूसरी भाषा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस बारे में जारी नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों में कहा गया है कि ब्रिटेन में प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाला हर छह में से एक बच्चा अपने घर में अंग्रेजी नहीं बोलता है.

इसी तरह सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के मामले में, प्रत्येक आठ में से एक बच्चा घर में अंग्रेजी में बात नहीं करता है.

इस वर्ष जनवरी में हुई आधिकारिक जनगणना के आंकड़ों के आधार पर 'मेल ऑनलाइन' का कहना है कि ब्रिटेन में अंग्रेजी से अलग अन्य भाषाएं बोलने वालों की संख्या पहली बार दस लाख तक पहुंच गई है.

पंजाबी के अलावा बंगाली, गुजराती, उर्दू, सोमाली, पोलिश, अरबी, पुर्तगाली, तुर्की और तमिल भाषा बोलने वालों की ब्रिटेन में अच्छी खासी तादाद है.

इस वर्ष की शुरूआत में हुए एक अन्य अध्ययन से पता चला कि ब्रिटेन में स्कूलों में अंग्रेजी बोलने वाले बच्चों की संख्या कम होती जा रही है.

स्कूलों में ऐसे बच्चों की संख्या कम हुई है जिन्होंने अंग्रेजी को अपनी पहली भाषा के तौर पर चुना है.

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