बच्चों की सताई महिला के लिए धनवर्षा

अमरीका में एक स्कूल बस में सताई जाने वाली एक उम्रदराज 68 साल की महिला के समर्थन में ऑनलाइन अपील पर 24 घंटे के भीतर दो लाख डॉलर की रकम जुट गई है जिससे वो छुट्टी मनाने जा सकती हैं.

कैरेन क्लाइन नाम की ये महिला न्यूयॉर्क में बस में स्कूली बच्चों की देखरेख का काम करती हैं लेकिन 12 से 13 साल की उम्र के बच्चे उनका अपमान करते हैं, उन्हें धमकी देते हैं और यहां तक कि उन्हें रोने के लिए भी मजबूर करते देते हैं.

इसी घटनाक्रम को एक छात्र ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो की शक्ल में कैद कर लिया और उसे इंटरनेट पर डाल दिया.

ये वीडियो अब तक 15 लाख बार देखा जा चुका है.

बस निरीक्षक का रोना

नेट पर इस वीडियो का नाम है “बस निरीक्षक का रोना”.

वीडियो क्लिप में बच्चे कह रहे हैं, “हे भगवान तुम कितनी मोटी हो.”

ये बच्चे कैरेन क्लाइन को हाथी कह रहे हैं. यहाँ तक कि वो उसके बालों और पर्स पर भी टिप्पणी कर रहे हैं.

बच्चे ये कहकर उनसे उनके घर का पता पूछते हैं, ताकि वो उनके घर से चोरी कर सकें. एक दूसरा बच्चा कहता है कि उनका परिवार इसलिए नही है क्योंकि उन सभी ने आत्महत्या कर ली, वो उनके पास नही रहना चाहते थे.

कैरेन क्लाइन इस अपमान से बेहद आहत हुईं क्योंकि उनके बेटे ने 10 साल पहले आत्महत्या कर ली थी.

वीडियो में कैरेन क्लाइन पर इस तरह टिप्पणियां दस मिनट तक चलती है. लेकिन इस दौरान वो बच्चों की इन टिप्पणियों को नजरअंदाज करने की भरपूर कोशिश करती हैं.

कैरेन क्लाइन ने इस घटना के समय पर कोई जानकारी नही दी, लेकिन इस वीडियो क्लिप के बाद बच्चों पर स्कूल प्रशासन की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है.

अधिकारियों की ओर से इन बच्चों की पहचान गोपनीय रखने के प्रयासों के बावजूद कुछ बच्चों को मार डाले जाने की धमकियां मिल रही हैं.

ऑनलाइन मुहिम

कैरेन क्लाइन से समर्थन में चलाई जा रही ऑनलाइन मुहिम को नाम दिया गया है “कैरेन क्लाइन को छुट्टी पर भेजो”

कैरेन क्लाइन का कहना है कि वो इस मामले में कोई आपराधिक मामला नही चाहती हैं, क्योंकि पहले से ही बच्चों के इस दुर्व्यवहार की हर तरफ आलोचना हो रही है.

कैरेन क्लाइन ने एनबीसी नेटवर्क को बताया कि वो लोगों से मिले ऑनलाइन समर्थन से बेहद अभिभूत हैं.

कैरेन क्लाइन कहती हैं कि उन्हें तमाम पत्र, ईमेल फेसबुक संदेश मिले है. वो कहती हैं," मेरी दुनिया से बाहर भी और एक नई दुनिया है और उन्हें इसके बारे में नहीं पता था."

घटना में शामिल चार लड़कों के माता-पिता का कहना है कि उनके बच्चों को दंड मिलना चाहिए.

मामले की जाँच कर रही स्थानिय पुलिस का कहना है कि हांलाकि जाँच जारी है लेकिन इव लड़कों का व्यवहार उन्हें अपराधियों के स्तर तक नही ले जाता.

संबंधित समाचार