धरोहर पर भी छाई मंदी

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Image caption आर्थिक संकट का असर ग्रीस के धरोहरों पर भी पड़ रहा है.

अपने वर्तमान और भविष्य को बचाने के लिए जीवन मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे ग्रीस में प्राचीन धरोहरों पर मंदी का काला साया छा गया है.

ग्रीस में जारी पैसों की तंगी के दौर में, भ्रमण के लिए एथेंस में मौजूद मुद्रा संग्रहालय से बेहतर कौन सी जगह हो सकती है. जहां ग्लास के शो केस में मौजूद प्राचीन दौर के सिक्कों के ढेर आपको बताते हैं कि हजारों साल पहले लोग किस तरह अपनी अर्थव्यवस्था का संचालन करते थे, कैसे होता था कर्ज का लेन-देन. लेकिन यह सब अस्तित्व का संकट झेल रहा है.

ये संग्रहालय देस्पीना कोतसुमा की सबसे पसंदीदा जगह है. वो ग्रीस के पुरातत्तविदों के संगठन के अध्यक्ष हैं.

देस्पीना कोतसुमा कहते हैं, "पिछले लगभग दो सालों से हमें ये नहीं मालूम होता कि हम अगले माह अपने संग्रहालय और पुरातत्तव महत्व की जगहों की देख-रेख किस तरह कर पाएंगें. ये नहीं मालूम होता कि अगले माह बिजली और टेलीफोन का बिल भरा जा सकेगा या नहीं."

देस्पीना ने ग्रीस के पुरातत्तविदों के संघ की ओर से दुनिया भर से आर्थिक सहायता की अपील की है.

वो कहते हैं, "हम चाहते हैं कि लोगो को ये अहसास हो कि जो आज ग्रीस में हो रहा है वही स्थिति कल इटली और स्पेन में भी बन सकती है. जो आज ओलंपिया में हो रहा है, वो कल कोलिजियम में भी घटित हो सकती है. या फिर ब्रिटिश म्यूजिम में."

निराशा

आर्थिक कटौती का असर ग्रीस के धरोहरों पर साफ दिखता है.

क्रेटे में नौस-औस के संग्रहालय के सामने कुछ लोग काफी देर तक उसके खुलने का इंतजार करते हैं लेकिन उन्हें निराश होकर जाना पड़ता है.

एक नाराज पर्यटक कहते हैं, "आप जब ऐसी खुबसूरत जगह आते हैं तो चाहते हैं कि सबकुछ बेहतर हो. लेकिन संग्रहालय में ताला पड़ा है क्योंकि उसकी देख-भाल के लिए पर्याप्त धन मौजूद नहीं. सच तो ये है कि ये एक सर दर्द बन गया है."

गैलेक्सी होटल के मालिक यानिस एकेनोमू का कहना है कि पर्यटन से जुड़े लोगों ने इस मामले पर प्रतिरोध भी किया है लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ.

अपने क्षेत्र का हराकलियन का उदाहरण देते हुए वो कहते हैं कि वहां पर्यटक खास तौर पर नौस-औस को देखने के लिए आते हैं. अगर लोग वहां नहीं जा पा रहे हैं तो इसका असर पर्यटन पर पड़ेगा.

उनका मानना है कि इसकी वजह आर्थिक तंगी से कहीं ज्यादा प्रशासन की अयोग्यता और बेरूखी है.

वो कहते हैं, "यकीन जानिए होटल उद्योग से जुड़े लोगों ने इस मामले पर अपना विरोध दर्ज करवाया है, ये बहुत अधिक निराशाजनक है."

कटौती

पुरातत्विक महत्व की वस्तुओं के चलते ग्रीस में पर्यटक बड़ी तादाद में आते हैं.

पुरातत्त्वविद् फोटिस जॉरजियाडिस कहते हैं कि हालांकि ग्रीस के प्राचीन इतिहास के कारण पर्यटन और दूसरे व्यापार को बहुत फायदा हुआ है, लेकिन फिर भी संस्कृति की देख-भाल करने वाले मंत्रालय का कुल बजट मात्र एक करोड़ बीस लाख यूरो है.

फोटिस जॉरजियाडिस के अनुसार उस बजट में भी इस साल 35 फीसद की कटौती कर दी गई है और वो पैसे भी अभी तक दिए नहीं गए हैं. इसका नतीजा ये हो रहा है कि पुरातात्विक महत्व के स्थानों पर गैर कानूनी तौर पर खुदाई के मामले और बढ़ गए हैं. हमारे पास सुरक्षागार्डों की कमी है जिसकी वजह से संग्रहालयों में हथियारबंद लोग घुसकर डाके डाल रहे हैं.

हालांकि संस्कृति मंत्रालय की अधिकारी मारिया वलाजकी बजट में कटौती की बात मानती हैं लेकिन उनका कहना है कि सरकार अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रही है.

वो कहती है कि जब देश में कटौती जारी है और हर विभाग को पैसों की जरूरत है तो संस्कृति के क्षेत्र में कटौती की गई है लेकिन फिर भी ग्रीस के धरोहरों की हिफाजत के लिए बहुत कुछ किया जा रहा है.

लेकिन पुरातत्त्वविदों का कहना है कि डर इस बात का है कि आर्थिक कटौतियों का ये सिलसिला कहीं सांस्कृतिक संकट में न तब्दील हो जाए जिसका असर समाज के हर तबके पर पड़ेगा.

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