ईरान में सार्वजनिक फाँसी पर बहस

  • 25 जून 2012
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Image caption फाँसी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए

ईरान में बलात्कार के दोषी पाए गए चार लोगों को हाल में ही सार्वजनिक तौर पर फाँसी दी गई थी. ईरान के इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों में इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है.

चारों लोगों को फाँसी सुबह छह बजे दी गई थी और कुछ रिपोर्टों के मुताबिक फांसी को देखने के लिए लोग रात से ही इकट्ठा होना शुरु हो गए थे.

बहस इस बात पर हो रही है है कि क्या सार्वजनिक तौर पर फाँसी दिए जाने से बलात्कार जैसे जुर्म पर अंकुश लगेगा या फिर इससे समाज में हिंसा को और बढ़ावा मिलेगा.

ईरान के अखबार ( द इवनिंग ऑफ ईरान) के मुख्य संपादक जाफर मोहम्मदी ने अपने लेख में न सिर्फ सार्वजनिक फाँसी की ओलचना की है बल्कि इसे देखने आए लोगों की भी निंदा की है.

वे लिखते हैं, “इतना जोश फाँसी को देखने के लिए ? क्यों ? इस तरह के हिंसक दृश्य देखने से बच्चों और युवाओं पर गलत असर पड़ सकता है. इसका क्या मतलब निकाला जाए कि एक पिता अपने पाँच साल के बेटे या बेटी को फाँसी दिखाने लेकर जाता है, रास्ते में आईसक्रीम खिलाता है और मौत के मुहाने पर खड़े किसी व्यक्ति को देखने के लिए कहता है.”

बच्चों पर असर

ज्यादातर लोगों ने टिप्पणी करते हुए जाफर मोहम्मदी से सहमति जताई है. एक पाठक ने लिखा है, “जब मैं छोटा था तो मैने सार्वजनिक तौर पर हुई एक फाँसी देखी थी. वो व्यक्ति दोषी था पर फिर भी मैं उस दृश्य को आज तक भूल नहीं पाया हूँ.”

लेकिन हर कोई जफार मोहम्मदी के तर्क से सहमत नहीं है. फाँसी को लेकर लोगों के जोश के बारे में एक व्यक्ति ने लिखा, “फाँसी देखने को लेकर लोगों में जोश इसलिए होता है क्योंकि ये दूसरों के लिए सबक है.”

इंटरनेट पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस जारी है. रूढ़ीवादी विचारों वाली वेबसाइट राजान्यूज पर लोग सार्वजनिक फाँसी देने के पक्ष में थे. लोगों ने तो पुलिस का धन्यवाद भी दिया है.

कुछ पाठकों की टिप्पणियाँ इस प्रकार थीं- “अच्छा है, मैं न्यायपालिका में सबका धन्यवाद करता हूँ.”, “हम सबको इन दृश्यों को देखना चाहिए, सबक सीखना चाहिए और पापी नहीं बनना चाहिए.”

ईरान में प्रशासन हमेशा से सार्वजनिक फाँसी के कदम का बचाव करता आया है. प्रशासन का कहना है कि इससे अपराध पर लगाम लगती है.

पुलिस प्रमुख इस्माइल अहमदी मोगादम के अनुसार ईरान में पिछले करीब एक साल में बलात्कार के 900 मामले हुए हैं. उनका कहना है कि बलात्कार के मामले बढ़े हैं.

उन्होंने ये भी बताया कि बलात्कार के शिकार 60 फीसदी लोग दरअसल पुरुष होते हैं.

इन आँकड़ों की पुष्टि करना मुश्किल है क्योंकि ईरान के धार्मिक समाज में बलात्कार के बहुत से मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जाती, खासकर महिलाओं से हुए बलात्कार के मामले में.

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