फुकुशिमा की मछलियां फिर बाजार में

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Image caption नजदीक पकड़े गए मछलियां और ऑक्टोपस फुकुशिमा के सुपर-मार्केट से खरीदे जा सकते हैं.

जापान के फुकुशिमा तट पर पाई जाने वाली मछलियां स्थानीय बाजार में फिर बिकने लगी हैं जहां बीते साल मार्च में परमाणु संयंत्र से विकिरण का रिसाव हुआ था.

अधिकारियों का कहना है कि यहां की मछलियों और ऑक्टोपस पर विकिरण का असर नहीं पाया गया है.

ये जापान के उन मछुआरों के लिए अच्छी खबर है जिनकी आजीविका पर परमाणु त्रासदी का सीधा असर पड़ा था.

ये मछुआरे विकिरण के रिसाव के बाद भी मछलियां पकड़ते रहे हैं लेकिन उन्हें इन्हें बेचने की अनुमति नहीं थी.

पर अब यही मछलियां और ऑक्टोपस फुकुशिमा तट के नजदीकी सुपर-मार्केट से खरीदे जा सकते हैं.

हालांकि स्थानीय बाजार से बाहर इन मछलियों की आपूर्ति नहीं हो रही है.

मछलियों के दाम गिरे

स्थानीय लोग इन मछलियों को पहले के मुकाबले आधी कीमतों पर खरीद रहे हैं.

लेकिन अभी भी सभी तरह की मछलियों को बेचने की अनुमति नहीं है क्योंकि अन्य समुद्री जीवों में विकिरण का असर अभी तक पाया गया है.

पिछले महीने ही जांच में पाया गया था कि प्रवासी ब्लूफिन ट्यूना मछली में विकिरण का स्तर सामान्य से दस गुना ज्यादा है.

लेकिन अमरीकी और जापानी नियामकों के मुताबिक इस मछली को खाने के लिए सुरक्षित माना जा रहा है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि चिंता की बात ये है कि मछलियों में विकिरण के स्तर में गिरावट आती नजर नहीं आ रही है.

अभी तक इस बात पर सहमति नहीं है कि समुद्र में आखिर कितनी मात्रा में विकिरण का रिसाव हुआ है.

वैसे जापान के तट से 600 किलोमीटर की दूरी तक विकिरण का असर देखा गया है.

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