तुर्की ने सीरियाई सीमा पर सेना की तैनाती शुरू की

  • 28 जून 2012
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Image caption सेना की गाड़ियां सीमा की तरफ हथियारों को लेकर जा रही हैं.

तुर्की ने सीरिया से लगने वाली अपनी सीमा पर रॉकेट लॉन्चर और विमान मार गिराने वाली तोपें तैनात करनी शुरू कर दी हैं.

सीरिया की कार्रवाई में पिछले हफ्ते तुर्की के एक लड़ाकू विमान को गिराए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है.

तुर्की का एफ-4 फैंटम विमान बीते शुक्रवार को भूमध्यीय सागर के ऊपर लापता हो गया जिसे बाद में सीरिया ने अपने वायुक्षेत्र में बताते हुए मार गिराया. विमान के दो पायलट अब भी लापता हैं.

इस बीच सीरिया के सरकारी टीवी की रिपोर्ट में कहा गया है कि राजधानी दमिश्क में एक अदालत परिसर के बाहर एक धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं.

दमिश्क के बाहरी इलाके में झड़पों की भी खबरें जिनमें कार्यकर्ताओं के मुताबिक 22 लोग मारे गए हैं.

मारे गए लोगों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है क्योंकि सीरिया पत्रकारों की आवाजाही पर पाबंदी है.

'स्पष्ट और मौजूद खतरा'

तुर्की ने सीरिया से लगने वाली सीमा पर सेना को भेजना प्रधानमंत्री अर्दोआन के इस बयान के दो दिन बाद शुरू किया है कि तुर्की अपनी सैन्य तैनाती में बदलाव करेगा.

उन्होंने देश की संसद को बताया कि सीरिया 'स्पष्ट और मौजूद खतरा' है और सीरिया की तरफ से तुर्की की सीमा की ओर आने वाले किसी 'सैन्य तत्व' को एक खतरा और सैन्य लक्ष्य समझा जाएगा.

सीरिया का कहना है कि गिराए जाने के समय तुर्की का विमान सीरियाई जलक्षेत्र में था और उसे अधिकतम 2.5 किलोमीटर की रेंज वाली एंटी-एयरक्राफ्ट फायर में मार गिराया गया.

लेकिन तुर्की की सरकार कहती है कि विमान को हीट-सीकिंग या लेजर निर्देशित मिसाइल के जरिए उस वक्त गिराया गया जब वो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था.

सरहदी इलाकों में तुर्की के अतिरिक्त सैनिक भेजे गए हैं और तुर्की के टीवी पर दिखाई जा रही तस्वीरों में वाहनों के एक छोटे से काफिले को सरहदी शहर यायलादागी में एक सैन्य ठिकाने में विमान को मार गिराने वाली तोप ले जाते हुए दिखाया गया है.

खबरों के मुताबिक अन्य सैन्य वाहनों को हतय प्रांत में रेयहानली शहर भेजा गया है.

सीरिया में संकट शुरू होने के बाद से 33 हजार से ज्यादा सीरियाई शरणार्थियों ने तुर्की के इसी प्रांत में शरण ले रखी है.

एकता सरकार

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Image caption तुर्की के प्रधानमंत्री ने सीरिया को कड़ी चेतावनी दी है.

रूस ने सीरिया में एक राष्ट्रीय एकता वाली सरकार का प्रस्ताव रखा है जो देश में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया के दौरान सत्ता की बागडोर संभाल सकती है लेकिन उसने राष्ट्रपति असद को सत्ता से हटाने की कोशिशों का समर्थन करने से इनकार किया है.

पश्चिमी राजनयिकों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के दूत कोफी अन्नान की शांति योजना में भी ऐसे मंत्रिमंडल का प्रस्ताव है जिसमें विपक्ष और सरकार के सदस्यों को रखा जा सकता है. शुक्रवार को सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यसमूह की बैठक में इस विचार पर चर्चा होगी.

अन्नान के प्रस्ताव में राष्ट्रपति असद की भूमिका का जिक्र नहीं है, लेकिन पश्चिमी राजनयिकों का कहना है कि वो किसी राष्ट्रीय एकता वाली सरकार का हिस्सा नहीं होंगे.

रूसी विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव ने कहा, “हम सीरिया पर किसी बाहरी हस्तेक्षप या समाधान को न तो समर्थन देते हैं और न दे सकते हैं. राष्ट्रपति असद का भविष्य खुद सीरिया लोगों की सीरियाई वार्ता से तय होना चाहिए.”

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सीरिया में पिछले साल मार्च से शुरू हुए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों और हिंसा में कम से कम 10 हजार लोग मारे गए हैं जबकि सीरिया की सरकार ने मारे गए लोगों की संख्या 6,947 बताई है जिसमें कम से कम 3,211 आम लोग और 2,566 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं.

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