हक्कानी नेटवर्क को चरमपंथी करार देने की तैयारी

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Image caption हाल ही में काबुल के होटल में हुए हमले के लिए भी हक्कानी नेटवर्क को जिम्मेदार माना जाता है.

पाकिस्तान के जरिए समर्थन दिए जाने वाले एक गिरोह 'हक्कानी नेटवर्क' को चरमपंथी संगठन करार दिए जाने संबंधी एक बिल गुरूवार को अमरीकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में पेश किया गया.

प्रतिनिधि सभा की तीन अहम समितियों विदेश मामले, खुफ़िया मामले और सैन्य मामलों की समितियों के अध्यक्षों ने मिलकर यह बिल पेश किया है.

इस बिल में हक्कानी नेटवर्क को चरमपंथी संगठन करार दिए जाने की मांग की गई है.

बिल में कहा गया है कि यह गुट अफ़गानिस्तान में अमरीकी फ़ौजियों के लिए बहुत खतरनाक है.

प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव के बारे में खुफ़िया मामलों की समिति के अध्यक्ष माईक रोजर्स ने कहा, “हक्कानी गुट के चरमपंथी हमारे सैकड़ों फ़ौजियों के कत्ल के ज़िम्मेदार हैं. इसके अलावा इनके हमलों में अनगिनत अफ़गान मर्द, औरतें और बच्चे भी कत्ल हुए हैं. अब हम इस प्रस्ताव, जिसको रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोंनो ही पार्टियों का दोंनो सदनों में समर्थन हासिल है, इसके ज़रिए हम ओबामा प्रशासन से मांग करते हैं कि हक्कानी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन करार दिया जाए.”

सिनेट में बिल मंजूर

चरमपंथी संगठन करार दिए जाने के बाद हक्कानी नेटवर्क को किसी प्रकार की मदद या समर्थन देना कानूनन अपराध माना जाएगा.

इससे पहले अमरीकी संसद की ऊपरी सदन सिनेट में इसी सिलसिले में एक बिल मंज़ूर किया जा चुका है.

और पिछले महीने दोंनो सदनो के सांसदों ने अमरीकी विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन को भी एक पत्र लिखकर हक्कानी गुट को चरंपंथी संगठनों की सूचि में शामिल करने की मांग की थी.

अब इस नई मांग से पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ेगा कि वह हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ़ सैन्य कार्यवाई करे.

कई अमरीकी सांसद और ओबामा प्रशासन के कई अधिकारी भी हक्कानी नेटवर्क को अफ़गानिस्तान में विभिन्न हमलों के लिए ज़िम्मेदार ठहराते रहे हैं. पाकिस्तान पर इस गुट को पनाह देने और इसकी मदद करने के आरोप भी लगते रहे हैं.

लेकिन पाकिस्तानी सरकार हक्कानी नेटवर्क को मदद देने के आरोप को खारिज करती रही है.

इसी महीने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा ने एक बयान में कहा था कि पाकिस्तान में तालिबान को शरण दिए जाने के मामले पर अमरीका का धैर्य जवाब दे रहा है.

पनेटा ने कहा था कि अफगानिस्तान में नेटो सैनिकों पर हमला करने वाले हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पाकिस्तान को कार्रवाई करनी होगी.

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