आस्ट्रेलिया में नए कार्बन टैक्स का विरोध

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Image caption आम जनता कार्बन टैक्स का विरोध कर रही है

कई सालों की राजनीतिक बहस के बाद ऑस्ट्रेलिया ने विवादास्पद कार्बन टैक्स लागू कर दिया है.

नए कानून के तहत 300 सबसे ज़्यादा प्रदूषित करने वाली कंपनियों को हर एक टन ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन पर 23 डॉलर का टैक्स देना होगा.

विकसित देशों में प्रति व्यक्ति सबसे अधिक गैस उत्सर्जन ऑस्ट्रेलिया ही करता है.

सरकार का कहना है कि पर्यावरण से जुड़ी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए ऐसा करना ज़रूरी है, लेकिन विपक्षी पार्टियों का कहना है कि ये टैक्स लगाने से कई नौकरियां जाने का खतरा है.

स्वागत और विरोध

विपक्षी पार्टियों का ये भी कहना है कि इस टैक्स से लोगों के लिए अपना निर्वाह करना मुश्किल होगा.

विपक्षी पार्टियों ने वायदा किया है कि अगर वे 2013 में सत्ता में आते हैं, तो वे इस कानून को निरस्त कर देंगें.

हालांकि पर्यावरणविदों ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन जनता इसका विरोध कर रही है.

इस फैसले का सबसे ज़्यादा असर आस्ट्रेलिया की खनन, एयरलाइन और स्टील बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा.

लेकिन लेबर पार्टी की सरकार का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए आस्ट्रेलिया को ये कड़े कदम उठाने होंगें.

सरकार का कहना है कि कम कमाने वाले लोगों को मुआवज़ा दिया जाएगा.

लेकिन विपक्षी दल के नेता टोनी एबट का कहना है कि ये टैक्स महंगा है और इसे लगाने की कोई खास ज़रूरत नहीं थी.

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