लंदन में फिर भड़क सकते हैं दंगे: रिपोर्ट

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Image caption पूर्वी लंदन के हैक्नी में दंगाईयों द्वारा एक कार को आग लगाए जाने के बाद वहां पहुंचे दो पुलिस अफसर.

लंदन के कुछ प्रमुख शहरों में पिछले साल अगस्त में हुए दंगों पर आधारित एक रिपोर्ट जारी की गई है.

ये रिपोर्ट लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और द गार्डियन अखबार द्वारा संयुक्त रुप से तैयार की गई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस समय लंदन के बर्मिंघम, मैनचेस्टर, लिवरपूल और सैलफर्ड इलाकों में दंगे फैल रहे थे उस समय वहां तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या दंगाइयों के आगे कम पड़ गई थी.

इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इस मौके पर वहां मौजूद कमांडरों ने एक दूसरे से मदद मांगने में ढिलाई बरती और उनके केंद्रीय कमांड से भी संपर्क में कमी दिखी.

ये रिपोर्ट दंगों के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहे करीब 130 पुलिस अफसरों के साथ की गई बातचीत पर आधारित है.

इस बातचीत में पुलिस अफसरों ने शोधकर्ताओं को बताया कि दंगों के दौरान उनपर लगातार जान का खतरा बना रहा और उन्हें आश्चर्य है कि इस बीच उनके किसी साथी की मौत नहीं हुई.

पुलिस अफसरों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था 'द पुलिस फेडरेशन' ने उन्हें दी जाने वाली बजट में प्रस्तावित कटौती के फैसले पर चेतावनी देते हुए कहा है कि लंदन में दोबारा दंगे भड़क सकते हैं और जब ऐसा होगा तब वहां की पुलिस को इसे रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी.

दंगे

पिछले साल लंदन में शुरु हुए दंगे ब्रिटेन के बर्मिंघम, मैनचेस्टर, सैलफर्ड और नॉटिंघम जैसे कई शहरों में फैल गए थे.

लगातार चार रातों तक हुई हत्या, लूटपाट और आगजनी की घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी. दंगों में शामिल रहने के संदेह में करीब चार हजार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया था.

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Image caption बर्मिंघम में एक जेवर की दुकान का शीशा तोड़ते कुछ दंगाई

दंगों के दौरान लंदन में 685, वेस्ट मिडलैंड्स में 229 और लिवरपूल में 46 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. इस बीच लंदन में 16 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात थे.

हालांकि उसी समय ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन द्वारा दिया गया वो बयान काफी चर्चा में रहा जिसमें उन्होंने कहा था, ''वे दंगाई जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, उनका व्यवहार ये दर्शाता है कि ब्रितानी समाज के कुछ हिस्से गलत रास्ते पर हैं.''

गौरतलब है कि दंगों के दौरान अमरीका ने इंग्लैड जा रहे अपने नागरिकों को वहाँ जाने में खतरों के बारे में भी आगाह किया था.

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