माली: संयुक्त राष्ट्र का चरमपंथियों पर प्रतिबंध

  • 6 जुलाई 2012
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Image caption टिम्बकटू में कई ऐतिहासिक स्मारकों को चरमपंथियों ने नष्ट कर दिया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तरी माली के उन इस्लामी चरमपंथियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है जिन्होंने टिम्बकटू के कई धार्मिक स्थलों को नष्ट कर दिया था.

सुरक्षा परिषद ने टिम्बकटू के ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक इमारतों को नष्ट करने की आलोचना की और कहा कि ऐसा आचरण युद्ध अपराध जैसा है.

सुरक्षा परिषद ने पश्चिम अफ्रीकी बलों को विद्रोहियों के साथ लड़ने की इजाजत देने से पहले और जानकारी देने को कहा है.

प्रस्ताव में ये चेतावनी भी दी गई है कि ऐतिहासिक स्मारकों को नुकसान पहुँचाने वाले को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय का सामना करना पड़ेगा.

पड़ोसी देश

माली के पड़ोसी देशों ने संयुक्त राष्ट्र से उनके सैनिकों को इस्लामी चरमपंथियों से लड़ने की अनुमति देने को कहा था.

अंसार दीन समूह ने पिछले साल टिम्बकटू को अपने नियंत्रण में ले लिया था. कहा जाता है कि अंसार दीन के अल-कायदा से संबंध हैं.

इस समूह ने टिम्बकटू के कई धर्म स्थलों और प्राचीन स्मारकों को ये कहते हुए नष्ट कर दिया कि ये इस्लाम के कानूनों की अवहेलना करते हैं.

संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था यूनेस्को इस मामले पर अपनी चिंता जता चुका है और आशंका जताई है कि तमाम बहुमूल्य कलाकृतियां और अभिलेखों की तस्करी हो सकती है.

यूनेस्को ने पड़ोसी देशों से इस मामले में माली की मदद करने की भी अपील की है.

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