छिटपुट हिंसा के बीच लीबिया में मतदान संपन्न

Image caption लीबिया में करीब पचास साल बाद चुनाव हो रहे हैं

करीब पचास साल बाद लीबिया में राष्ट्रीय परिषद के लिए हो रहा मतदान संपन्न हो गया है. हालांकि मतदान ज्यादातर हिस्सों में शांति पूर्ण रहा लेकिन देश के पूर्वी हिस्से से कुछ हिंसा की खबरें मिली हैं.

पूर्वी शहर अज्दाबिया में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई. सुरक्षा कारणों से इस इलाके के कई मतदान केंद्र बंद कर दिए गए थे.

कुछ पूर्वी समूहों को डर है कि उनके क्षेत्र का प्रतिनिधित्व ठीक नहीं रहेगा.

अज्दाबिया और ब्रेगा जैसे देश के पूर्वी हिस्से के शहरों में मतदान पत्रों की चोरी और उन्हें फाड़ने की घटना के बाद मतदान निलंबित कर दिया गया.

संयुक्त राष्ट्र के एक पर्यवेक्षक इयान मार्टिन ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं को संज्ञान में लिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "ये चुनाव आयोग का काम है जो ये तय करेगा कि कहां और कब दोबारा चुनाव कराने हैं, लेकिन मैं समझता हूं कि इस तरह की घटनाएं कुछेक जगहों पर ही हुई हैं. इसलिए हम पूरे चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठा सकते हैं."

बड़ा समारोह

अपना मत देकर मतदान केंद्र से बाहर आए लीबिया के प्रधान मंत्री अब्दिल रहीम अल कीब चुनाव को लेकर काफी आशान्वित दिखे.

पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं आपको बताना चाहता हूं कि ये हमारे लिए बहुत बड़ा समारोह है. लोगों को इसे महसूस करने की जरूरत है. वे इसे महसूस कर रहे हैं. लोग अपनी खुशी और भावनाओं को रोक नहीं पा रहे हैं कि कैसे 42 साल के बाद उन्हें इसका मौका मिल रहा है."

लीबिया में करीब आधी सदी के बाद पहले राष्ट्रीय चुनाव हो रहे हैं. तीन हज़ार से अधिक लोग संविधान सभा की सदस्यता के लिए दौड़ में हैं, जिसे राष्ट्रीय अंतरिम परिषद का स्थान लेना है.

इस परिषद का गठन नौ महीने पहले मुअम्मर गद्दाफ़ी के गद्दी से हटने के बाद किया गया था.

नई संविधान सभा एक अंतरिम सरकार का गठन करेगी जो देश में नया संविधान तैयार करके उस पर जनमत संग्रह करवाएगी.

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