ओबामा की कर छूट में बदलाव की कोशिश

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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश में चुनावी माहौल के बीच एक बार फिर अमीरों की टैक्स कटौती को खत्म करने के लिए अमरीकी संसद से विधेयक मंजूर करने की अपील की है.

बराक ओबामा का कहना है कि अमरीका के मध्यम वर्ग के लोगों को टैक्स कटौती दी जानी चाहिए न कि अमीरों को.

राष्ट्रपति बराक ओबामा चाहते हैं कि अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के जमाने की टैक्स कटौती की नीति में बदलाव लाए जाएं और अमीरों को कटौती न दी जाए.

उनका कहना है कि अमीरों को टैक्स में कटौती देने से कोई फायदा नहीं होता है.

व्हाईट हाउस में बोलते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा,“अब हमें अमीरों को टैक्स कटौती देने या न देने की बहस में उलझकर आम अमरीकियों और अर्थव्यवस्था को बंधक नहीं बनाना चाहिए. हम एक बार फिर उसी प्रकार की टैक्स नीति नहीं अपना सकते जिससे हमारी अर्थव्यवस्था को कोई फायदा नहीं पहुंचा है. हमने इससे पहले दस साल तक अमीरों के लिए टैक्स में कटौती देकर देख लिया उससे न तो नौकरियां ही बढ़ीं और न ही उद्योग को फायदा हुआ. अब हमें मध्यम वर्ग को मजबूत करना है.”

साल भर के लिए

इस महीने अमरीकी संसद में मौजूदा टैक्स नीति को एक वर्ष के लिए बढ़ाने के लिए मतदान होना है जिसमें अमीरों और मध्यम वर्ग दोंनो को ही कटौती का प्रावधान है लेकिन इसी नीति में राष्ट्रपति ओबामा बदलाव लाना चाहते हैं.

राष्ट्रपति ओबामा जो टैक्स योजना लाना चाहते हैं उसके तहत ढाई लाख डॉलर सालाना कमाने वाले अमरीकियों को टैक्स में छूट दी जानी चाहिए. लेकिन जो उससे अधिक कमाते हैं उन्हें टैक्स में कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए.

ओबामा का कहना है कि वह कोई नई नीति नहीं बना रहे हैं बल्कि सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दौर में लागू टैक्स दर को दोबारा अपना रहे हैं.

लेकिन विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी इसके सख्त खिलाफ है. विपक्षी पार्टी का कहना है कि अमीरों को टैक्स में कटौती देने से ही अमरीकी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है और नई नौकरियां भी पैदा की जा सकती हैं.

विपक्ष की आलोचना

रिपब्लिकन पार्टी के कई नेताओं ने राष्ट्रपति ओबामा की टैक्स नीति की आलोचना की है और कहा है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था में मंदी के दौर में किसी के लिए भी टैक्स में बढ़ोतरी नहीं की जानी चाहिए.

सेनेट में रिपब्लिकन पार्टी के नेता मिच मकोनल ने कहा,“हमें चाहिए कि हम इस पूरी टैक्स कटौती को एक साल के लिए बरकरार रखें और उसके बाद टैक्स नीति में व्यापक बदलाव लाने के लिए काम करें.”

टैक्स नीति को लेकर डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के बीच यह खींच-तान ऐसे समय में हो रही है कि जब देश में राष्ट्रपति पद के चुनाव में सिर्फ चार महीने रह गए हैं और आर्थिक मंदी और बेरोजगारी की मार झेल रहे आम अमरीकियों को दोंनो ही पार्टियां रिझाने की जी-जान से कोशिश कर रही हैं.

राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रॉमनी की प्रवक्ता एंट्रिया सौल ने भी राष्ट्रपति ओबामा की टैक्स नीति की जमकर आलोचना की और कहा,“राष्ट्रपति ओबामा के ठीक उलट, गवर्नर मिट रॉमनी यह जानते हैं कि अमरीकी अर्थव्यवस्ता के मंदी के इस दौर में किसी वर्ग पर भी और टैक्स लगाना सही नहीं है.”

मतदान होगा

अमरीकी संसद के निचले सदन में टैक्स नीति पर मतदान होना है और चूंकि इस सदन में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है इसलिए राष्ट्रपति ओबामा की टैक्स नीति की मंजूरी मिलनी मुश्किल है.

लेकिन राष्ट्रपति ओबामा यह मान चुके हैं कि अब टैक्स नीति के मुद्दे पर भी चुनाव में ही नतीजे सामने आएंगे क्योंकि कई मुद्दों की तरह इस मुद्दे पर भी ओबामा और रोमनी बिलकुल विपरीत रूख अपनाए हुए हैं.

पिछले दो सालों से राष्ट्रपति ओबामा की टैक्स नीति को प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी ने मंजूरी नहीं दी है.

और अब दोनों ही पार्टियां यह उम्मीद लगाए हैं कि आने वाले आम चुनाव, जिसमें प्रतिनिधि सभा के भी चुनाव शामिल हैं, में उनकी पार्टी को बहुमत मिल जाए और राष्ट्रपति भी उन्हीं की पार्टी का हो तो यह मामला उनकी मर्ज़ी के मुताबिक ही सुलझाया जा सकता है.

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